अमरावती का ऐतिहासिक ‘शिवसृष्टि’ प्रोजेक्ट 4 साल से अधर में, 1.35 करोड़ की जरूरत
Amaravati News: अमरावती की मालटेकड़ी पर ‘शिवसृष्टि’ परियोजना 4 वर्षों से अधूरी है। 1.35 करोड़ रुपये की तत्काल निधि से विकास कार्य पूरे होंगे। स्वीकृत निधि नहीं मिलने से विकास कार्य अधूरे हैं।
- Written By: आकाश मसने
अमरावती का ‘शिवसृष्टि’ प्रोजेक्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Amravati Shivsrushti Project: अमरावती शहर की ऐतिहासिक पहचान को और समृद्ध करने वाली मालटेकड़ी (शिवटेकड़ी) पर प्रस्तावित महत्वाकांक्षी ‘शिवसृष्टी’ परियोजना पिछले 4 वर्षों से निधि की कमी के कारण अधर में लटकी हुई है। शासन द्वारा स्वीकृत संपूर्ण निधि अब तक प्राप्त न होने से परियोजना के शेष विकास कार्य अधूरे हैं। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए लगभग 1.35 करोड़ रुपये की तत्काल आवश्यकता है।
4 वर्षों से अधूरा है कार्य
अमरावती शहर की ऐतिहासिक मालटेकड़ी पर विकसित की जा रही ‘शिवसृष्टि’ एक महत्वपूर्ण पर्यटन एवं ऐतिहासिक परियोजना है। इस परियोजना के लिए अमरावती महानगरपालिका ने पर्यटन विभाग को कुल 5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें से 3 करोड़ रुपये को मंजूरी मिली है। हालांकि, स्वीकृत राशि का संपूर्ण भुगतान अब तक नहीं हो पाया है, जिसके चलते पिछले चार वर्षों से कार्य अधूरा पड़ा है।
अमरावती के ‘शिवसृष्टि’ प्रोजेक्ट का काम अधूरा (फोटो नवभारत)
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पहले चरण में अमरावती महानगरपालिका को 30 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ, जिससे शिवटेकड़ी परिसर में सुरक्षा दीवार (रिटेनिंग वॉल) का निर्माण पूरा किया गया। इससे क्षेत्र की सुरक्षा और मजबूती में वृद्धि हुई है। दूसरे चरण में 1.35 करोड़ रुपये की राशि से छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित भव्य म्यूरल वॉल का निर्माण किया गया। यह म्यूरल वॉल ‘शिवसृष्टि’ परियोजना का प्रमुख आकर्षण बनकर उभरी है और इतिहास प्रेमियों व पर्यटकों का ध्यान आकर्षित कर रही है। हालांकि, शेष विकास कार्यों के लिए आवश्यक निधि अब तक प्राप्त न होने से परियोजना ठप पड़ी है। कार्य रुकने के कारण स्थानीय नागरिकों में नाराजगी और निराशा का माहौल है।
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शहर के ऐतिहासिक वैभव को मिलेगी नई पहचान
पर्यटन विभाग द्वारा स्वीकृत 3 करोड़ रुपये में से शेष 1.35 करोड़ रुपये प्राप्त करने के लिए मनपा लगातार प्रयास कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि यह राशि मिलते ही म्यूरल वॉल से जुड़े शेष कार्यों सहित अन्य विकास कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। ‘शिवसृष्टि’ परियोजना के पूर्ण होने से शहर को ऐतिहासिक और पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी तथा पर्यटन को भी बड़ी बढ़ावा मिलेगा, ऐसी उम्मीद व्यक्त की जा रही है।
