Amravati News: अमरावती में मानसून की बेरुखी, अब तक सिर्फ 49% बारिश, अचलपुर में सबसे कम

Amravati Water Crisis: अमरावती जिले में मानसून की सुस्त चाल से जल संकट की आशंका बढ़ गई है। 5 सितंबर तक सामान्य 862 मिमी के मुकाबले केवल 422 मिमी यानी 49% बारिश दर्ज हुई।
amravati water crisis risk only 49 percent rainfall
अमरावती में जल संकट (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Low Rainfall In Amravati: अमरावती जिले में इस वर्ष मानसून की सुस्त चाल के कारण जल संकट की आशंका गहराने लगी है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 5 सितंबर 2026 तक जारी आंकड़ों के अनुसार जिले में जून से सितंबर तक की कुल सामान्य वर्षा (862.0 मिमी) के मुकाबले अब तक केवल 422.0 मिमी यानी महज 49.0% बारिश दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में 609.9 मिमी (83.1%) बारिश हो चुकी थी, जो इस साल की तुलना में काफी बेहतर स्थिति थी।

नांदगांव खंडेश्वर में सबसे अधिक

जिले में वर्षा का वितरण काफी असमान रहा है। नांदगांव खंडेश्वर तहसील जिले में सर्वाधिक 79.4% (597.8 मिमी) बारिश के साथ सबसे आगे है। वहीं, अचलपुर तहसील में अब तक की सबसे कम केवल 37.5% (302.7 मिमी) बारिश दर्ज की गई है।

अन्य प्रमुख तहसीलों की बात करें तो चांदुर रेलवे में 70.0% (497.1 मिमी), धमनगांव में 60.5% (520.1 मिमी), अंजनगांव में -59.9% (355.7 मिमी), दर्यापुर में 59.0% (358.6 मिमी), चांदुर बाजार में 55.7% (366.6 मिमी), अमरावती शहर क्षेत्र में 55.5% (434.6 मिमी), मोर्शी में 54.5% (387.9 मिमी) और धारणी में 54.2% (578.5 मिमी) बारिश हुई है।

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कई तहसीलों में 50 प्रतिशत भी नहीं हुई बारिश

जिले की कई तहसीलों में बारिश का आंकड़ा 50% के पार भी नहीं पहुंच सका है। तिवसा में 46.6% (310.0 मिमी), भातकुली में 43.2% (302.0 मिमी) और वरुड़ में 43.1% (336.9 मिमी) बारिश ही दर्ज हुई है। प्रसिद्ध पहाड़ी पर्यटन स्थल चिखलदरा में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां औसतन 1395.5 मिमी के मुकाबले अब तक मात्र 41.3% (576.7 मिमी) ही घटाएं बरसी हैं।

सितंबर की शुरुआत में भी राहत नहीं

सितंबर महीने की शुरुआत में भी मानसूनी गतिविधियां धीमी बनी हुई हैं। 5 सितंबर की दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक जिले भर में औसतन केवल 3.9 मिमी बारिश ही दर्ज की गई। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की नजरें अब सितंबर के शेष दिनों पर टिकी हैं, ताकि आने वाले समय में जिले को जल संकट का सामना न करना पड़े।

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