अमरावती: भीषण गर्मी से अप्पर वर्धा बांध का जलस्तर 54% पर पहुंचा; मोर्शी, वरुड और शहर में जलसंकट की आहट

Amravati Water Crisis: अमरावती की जीवनदायिनी अप्पर वर्धा बांध का जलस्तर गिरकर 54.62% रह गया है। बढ़ती गर्मी और वाष्पीकरण के कारण मोर्शी, वरुड और अमरावती शहर में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।
The water level in Amravati’s Upper Wardha Dam has dropped to 54.62% due to rising temperatures. This may trigger a water crisis in Morshi, Warud, and Amravati city.
अमरावती जलसंकट (फोटो- सोशल मीडिया)
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Amravati Dam News: अमरावती जिले के लिए 'जीवनदायिनी' माने जाने वाले अप्पर वर्धा बांध में पानी का स्तर तेजी से कम हो रहा है। गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ ही बांध का जलस्तर घटने से आने वाले दिनों में भीषण जलसंकट की आशंका जताई जा रही है। इसका सीधा असर मोर्शी, वरुड और अमरावती शहर की जलापूर्ति पर पड़ सकता है।

पिछले साल से थोड़ा बेहतर

ताजा आंकड़ों के अनुसार मोर्शी से 8 किमी दूर स्थित इस जलाशय का जलस्तर वर्तमान में 54.62 प्रतिशत पर आ गया है। हालांकि, पिछले साल इसी दिन यह स्तर 52.66 प्रतिशत था, लेकिन इस साल भीषण गर्मी के कारण वाष्पीकरण तेज हो गया है, जिससे पानी का भंडार तेजी से खाली हो रहा है। वर्तमान में बांध में जलस्तर 332 मीटर दर्ज की गई है।

इन क्षेत्रों पर पड़ेगा सीधा असर अप्पर वर्धा बांध से केवल खेती ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर शहरी और औद्योगिक जलापूर्ति भी की जाती है। जलस्तर गिरने से मोर्शी और वरुड नगर परिषद, अमरावती शहर, औद्योगिक क्षेत्र रतन इंडियाबुल्स पावर प्लांट, एमआईडीसी, हिवरखेड, लोणी, राजुरा और आसपास के कई क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है।

बढ़ता तापमान और चुनौती

मोर्शी तहसील में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। बढ़ती गर्मी के कारण पानी की मांग में भारी इजाफा हुआ है। यदि अगले कुछ हफ्तों तक यही स्थिति रही, तो प्रशासन के सामने जल प्रबंधन की एक बड़ी चुनौती खड़ी हो जाएगी। फिलहाल सभी की निगाहें आने वाले मानसून और मध्य प्रदेश के जलग्रहण क्षेत्रों में होने वाली हलचल पर टिकी हैं।

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