चामोर्शी और गड़चिरोली के दर्जनों गांवों पर 'खनन' का साया? JSW लौह परियोजना की एक्सक्लूसिव लिस्ट आई सामने

JSW Iron Ore Project Gadchiroli: गड़चिरोली और चामोर्शी में JSW लौह परियोजना की हलचल! भूमि अधिग्रहण की आशंका से किसान चिंतित। जानें किन गांवों की सूची हुई तैयार और क्या हैं ग्रामीणों की मांगें।
Tensions rise in Gadchiroli & Chamorshi as JSW's proposed iron ore project triggers land acquisition fears. Farmers demand transparency, fair compensation, and jobs.
भूमि अधिग्रहण (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Updated on

Land Acquisition Chamorshi Villages: गड़चिरोली जिले में नामांकित जेएसडब्लू कंपनी की प्रस्तावित लौह परियोजना को लेकर हलचल तेज हो गई है। इस परियोजना के लिए चामोर्शी तथा गड़चिरोली तहसील के कई गांवों की कृषि भूमि अधिग्रहित किए जाने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन द्वारा संबंधित क्षेत्रों की जमीनों की प्राथमिक जानकारी एकत्रित की जा रही है, जिसके चलते किसान, भूमिधारक और ग्रामीणों में चिंता का माहौल बन गया है।

जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के लिए चंद्रपुर तथा गड़चिरोली जिलों की कुछ आवश्यक जमीनों की सूची तैयार की गई है। इसमें जिले के चामोर्शी तथा गड़चिरोली तहसील के कई गांवों को शामिल किया गया है। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई अंतिम आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन जमीन का ब्यौरा, क्षेत्रफल और गांववार जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू होने से लोगों में भूमि अधिग्रहण की आशंका गहराने लगी है।

किसानों में चिंता

भूमि अधिग्रहण की चर्चा सामने आते ही किसानों ने चिंता व्यक्त करनी शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य आधार है और यदि जमीन अधिग्रहित होती है तो उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। किसानों ने उचित मुआवजा, पुनर्वास, परिवार के सदस्यों को रोजगार, वैकल्पिक जमीन और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठानी शुरू कर दी है। कई ग्रामीणों का यह भी कहना है कि ग्रामसभा की सहमति और स्थानीय लोगों की राय के बिना कोई निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। दूसरी ओर, जिले में बड़े औद्योगिक प्रकल्प के आने से स्थानीय युवाओं को रोजगार, सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास होने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

विकास के नाम पर अधिकारों से समझौता नहीं

खनिज संपदा से समृद्ध जिले को परियोजना के माध्यम से औद्योगिक पहचान मिल सकती है, ऐसा भी माना जा रहा है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर किसानों और आदिवासी समुदाय के अधिकारों से समझौता नहीं होना चाहिए। फिलहाल इस परियोजना को लेकर प्रशासन, शासन या कंपनी की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन जमीन से जुड़ी गतिविधियों ने चामोर्शी और गड़चिरोली तहसील के गांवों में चर्चा और चिंता दोनों बढ़ा दी हैं। अब सभी की नजर शासन और प्रशासन की अगली भूमिका पर टिकी हुई है।

अधिग्रहण की सूची में इन गांवों का समावेश

चार्मोशी तहसील

क्रमांक गांव
1 चामोर्शी
2 निमगांव
3 विक्रमपुर
4 श्रीनिवासपुर
5 जयनगर
6 कृष्णानगर
7 डारली रीठी
8 भिवापुर
9 गौरीपुर
10 वलसरा
11 मुरखला
12 नवेगांव
13 रामपुरी
14 आमगांव

गड़चिरोली तहसील

क्रमांक गांव
1 गड़चिरोली
2 दर्शनमाला
3 दर्शनचक
4 गोविंदपुर
5 येवली
6 मारकबोडी
7 डोंगरगांव बुक
8 डोंगरगांव
9 तुकुम
10 शिवनी
11 सुरसुंड
12 चाक
13 हिरापुर
14 राखी
15 मुडझा बुज
16 नवेगांव
17 मुडझा तुकुम
18 महासली
19 क्रिपाल
20 सिरपूरचक
Navbharat Live
navbharatlive.com