Amravati: बेमौसम बारिश से अमरावती कृषि मंडी में भीगा किसानों का चना, हुआ भारी नुकसान
Unseasonal Rain and Crop Damage: अमरावती में मंगलवार दोपहर आई आंधी और बेमौसम बारिश से जहां भीषण गर्मी के बाद उमस बढ़ गई, वहीं कृषि उपज मंडी में किसानों का क्विंटल चना भीगने से भारी नुकसान हुआ है।
- Written By: केतकी मोडक
बेमौसम बारिश से किसानों को नुकसान
Agricultural Produce Market Committee Crop Damage: अमरावती शहर और आस-पास के परिसर में मंगलवार को प्रकृति का दोहरा मिजाज देखने को मिला। सुबह से ही आसमान से बरसती तेज धूप और भीषण गर्मी के कारण आम नागरिक पूरी तरह बेहाल थे। दिन का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने और दोपहर के समय चलने वाली अत्यधिक गर्म हवाओं (लू) ने लोगों की मुश्किलें चरम पर पहुंचा दी थीं।
इसी बीच, दोपहर बाद अचानक वायुमंडल में तेजी से बदलाव आया और आसमान में काले बादलों के घेरे के साथ तेज धूलभरी आंधी चलने लगी। इसके कुछ ही मिनटों बाद अमरावती शहर के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। अचानक आई इस बेमौसम बारिश से सड़कों पर चलने वाले राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। खुले में मौजूद लोग खुद को भीगने से बचाने के लिए दुकानों की छतों और ठिकानों के नीचे शरण लेते नजर आए।
बारिश थमते ही बढ़ी उमस
तेज हवाओं और भारी बौछारों के कारण मुख्य सड़कों पर कुछ समय के लिए यातायात की गति पूरी तरह धीमी हो गई। हालांकि, कुछ मिनटों की इस तेज बारिश से वातावरण में पल भर के लिए हल्की ठंडक जरूर महसूस हुई, लेकिन जैसे ही पानी थमा, नागरिकों की मुसीबतें और ज्यादा बढ़ गईं। हवा में नमी का स्तर (आर्द्रता) अचानक अत्यधिक बढ़ जाने से पूरे शहर में भीषण उमस का साम्राज्य स्थापित हो गया।
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उमस के कारण वातावरण में भारी बेचैनी पैदा हो गई, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से कोई वास्तविक राहत नहीं मिल सकी। विशेषकर फील्ड पर काम करने वाले मजदूरों, पैदल यात्रियों और दोपहिया चालकों को गर्म हवाओं के साथ-साथ चिपचिपी उमस के दोहरे प्रकोप का सामना करना पड़ा। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक विदर्भ के इस हिस्से में मौसम का मिजाज इसी प्रकार अस्थिर बना रह सकता है।
मंडी में किसानों का माल भीगा
इस बेमौसम की बारिश ने शहरवासियों को उमस का दर्द देने के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों से आए अन्नदाताओं को बहुत बड़ा आर्थिक जख्म दिया है। मंगलवार दोपहर अचानक हुई इस तेज बारिश की वजह से स्थानीय कृषि उत्पन्न बाजार समिति के खुले प्रांगण में रखा किसानों का कीमती कृषि माल पूरी तरह भीग गया।
मंडी में शेड की कमी और अचानक आई आपदा के कारण अनाज को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का अवसर ही नहीं मिल सका। इसके चलते खुले में रखी बोरियां और ढेर पानी में डूब गए।
पंचनामा और सहायता की मांग
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, परिसर के एक पीड़ित किसान सचिन मधुकर गाढवे ने अपनी मेहनत से उपजाया हुआ लगभग 30 क्विंटल चना बिक्री के उद्देश्य से व्यापारी प्रशांत कडू के पास लाकर रखा था। अचानक शुरू हुई आंधी और मूसलाधार बारिश के चलते पूरा का पूरा चना पानी से सराबोर होकर भीग गया। फसल के इस तरह खराब हो जाने से पीड़ित किसान को भारी वित्तीय क्षति उठानी पड़ी है।
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इस घटना के बाद बाजार समिति परिसर के प्रभावित किसानों और किसान संगठनों ने जिला प्रशासन तथा राजस्व विभाग से पुरजोर मांग की है कि बेमौसम बारिश से हुए इस फसली नुकसान का कृषि अधिकारी तुरंत मौके पर जाकर पंचनामा तैयार करें, ताकि पीड़ित किसानों को तत्काल उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके।
