Ganeshotsav 2026: गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव बनाने में सभी विभाग करें सहयोग, मंत्री आशीष शेलार ने दिए निर्देश

Ganeshotsav 2026: महाराष्ट्र सरकार गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव के रूप में भव्य बनाएगी। आशीष शेलार ने सभी विभागों को समन्वित कार्ययोजना, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पर्यावरण-अनुकूल आयोजन के निर्देश दिए।
Ganeshotsav 2026 Festival Ashish Shelar Government Preparation In Maharashtra
गणेशोत्सव 2026 (सोर्स: AI)
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Ganeshotsav 2026 Festival: राज्य सरकार ने गणेशोत्सव को 'राज्य महोत्सव' घोषित किया है. इसलिए इस वर्ष राज्य में इसे पहले से अधिक व्यापक, सुव्यवस्थित और जनभागीदारी वाला बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। सांस्कृतिक कार्य मंत्री एड. आशीष शेलार ने सभी सरकारी विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, विभागवार जिम्मेदारियां तय करने तथा इसके लिए त्वरित शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए हैं।

समन्वित कार्ययोजना बनाने के निर्देश

मुंबई के सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. अन्बलगन, मुंबई एवं मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पिछले वर्ष राज्य महोत्सव के रूप में आयोजित गणेशोत्सव के अनुभवों की समीक्षा की गई।

पिछले वर्ष के उपक्रमों की हुई समीक्षा

बैठक में सरकारी एवं विरासत इमारतों पर रोशनी, राज्यस्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन मंडलों को अनुदान, ढोल-ताशा पथकों को प्रोत्साहन, पंजीकृत सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों को सुविधाएं, राज्यस्तरीय प्रतियोगिताएं तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र के गणेशोत्सव की पहचान मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों की समीक्षा की गई।

सभी विभाग निभाएंगे अपनी भूमिका

मंत्री आशीष शेलार ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी, महानगरपालिका, जिला परिषद, ग्राम पंचायत, पुलिस, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक कार्य विभाग सहित सभी विभाग गणेशोत्सव के लिए न्यूनतम उपक्रम तय कर उनका प्रभावी क्रियान्वयन करें। सभी विभागों के समन्वय से एकीकृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

एक समान पहचान और सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर

गणेशोत्सव राज्य महोत्सव की एक समान पहचान बनाने के लिए आधिकारिक लोगो, गीत तथा सूचना, शिक्षा एवं जनजागरूकता सामग्री सभी विभागों को उपलब्ध कराई जाएगी और पूरे राज्य में उनका एकरूप उपयोग किया जाएगा।

इसके साथ ही शाडू मिट्टी की प्रतिमाएं बनाने वाले कलाकारों को प्रोत्साहन, महाविद्यालयीन युवाओं और स्कूली विद्यार्थियों की भागीदारी, हस्तकला प्रदर्शन, सामाजिक जागरूकता तथा पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव को बढ़ावा देने के विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे। मंत्री ने मराठी मंडलों, स्वयंसेवी संस्थाओं और विशेषज्ञों की भागीदारी बढ़ाते हुए अगले 10 से 12 दिनों में विस्तृत कार्ययोजना और शासन निर्णय अंतिम रूप देने के निर्देश भी दिए।

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