अमरावती में मजदूरों और किसानों का हल्लाबोल; निजीकरण के विरोध और MSP कानून की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

Amravati Protest News: अमरावती में विभिन्न संगठनों ने निजीकरण और श्रम संहिताओं के विरोध में कलेक्ट्रेट पर धरना दिया, MSP कानून, 10,000 न्यूनतम पेंशन और बिजली विधेयक 2025 वापस लेने मांगें रखीं है।
In Amravati, massive protests were held against privatization and labor codes. Key demands included an MSP law, 10,000 minimum pension, and the withdrawal of the Electricity Bill 2025 by unions.
अमरावती में मजदूरों और किसानों का हल्लाबोल (सौजन्य-नवभारत)
Updated on

Amravati National Pension Scheme Workers News: अमरावती के मजदूरों, कर्मचारियों और विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों व्दारा देशव्यापी आंदोलन छेड़ा गया। आंदोलन के दौरान विभिन्न संगठनों व्दारा जिलाधिकारी कार्यालय पर अपनी मांगो को लेकर धरना आंदोलन व केंद्र तथा राज्य सरकार के विरुध्द जमकर नारेबाजी की गई।

हड़ताल में केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारी, बैंक, रेलवे, बीमा, डिफेंस जैसे संगठित क्षेत्र के कर्मचारी शामिल रहे। वहीं असंगठित क्षेत्र के कामगार आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ता, स्कूल पोषण आहार कर्मचारी, ठेका कर्मचारी, खेत मजदूर और किसान भी आंदोलन में शामिल हुए।

आंदोलन में संयुक्त किसान मोर्चा महाराष्ट्र राज्य किसान सभा, अखिल भारतीय किसान सभा, महाराष्ट्र राज्य खेत मजदूर यूनियन (लाल बावटा), भारतीय खेत मजदूर यूनियन, मराठा सेवा संघ, किसान पुत्र आंदोलन, आप किसान आघाड़ी, प्रकल्पग्रस्त समिति, संतरा बागायतदार संघ सहित आदि संगठनों की सहभागिता रही।

निजीकरण बंद करने की मांग

आंदोलन में चार श्रम संहिताओं को रद्द करना, किसानों के लिए एमएसपी पर कानून, मनरेगा को स्थायी बनाए रखना, किसान-मजदूर व असंगठित कामगारों के लिए राष्ट्रीय पेंशन कानून बनाकर न्यूनतम 10 हजार रुपये पेंशन, आठ घंटे कार्यदिवस लागू करना शामिल है। इसके अलावा विद्युत विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025 को वापस लेने, किसानों के लिए संसद में अलग कृषि बजट पेश करने, भारत-अमेरिका करार का विरोध, राष्ट्रीय संपत्तियों के विनिवेश पर रोक, तथा सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण कंपनीकरण को बंद करने जैसी विभिन्न प्रमुख मांगें रखी गई।

Navbharat Live
navbharatlive.com