15 दिन की मासूम बच्ची को गर्म हंसिया से दिए चटके, अमरावती के मेलघाट में अंधविश्वास की हद
Melghat Superstition Case: अमरावती के मेलघाट में 15 दिन की नवजात बच्ची के पेट दर्द का इलाज बताकर उसे जलती दराती से दाग दिया गया। पुलिस ने अंधविश्वास के इस मामले में आरोपी वृद्धा पर केस दर्ज किया।
- Written By: अंकिता पटेल
अमरावती नवजात बच्ची,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Newborn Branding Superstition Incident: अमरावती जिले में आधुनिकता के दौर में भी मेलघाट के दुर्गम इलाकों में अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका एक खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है।
चिखलदरा तहसील के ग्राम रेट्याखेड़ा में 15 दिन की एक नवजात बच्ची की बीमारी ठीक करने के नाम पर उसे जलती दराती से पेट पर चटके (डमा) दिए गए, मासूम की चीखों से पूरा इलाका सिहर उठा। इस अमानवीय कृत्य के बाद पुलिस ने आरोपी वृद्धा के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
पीड़ित बच्ची की मां यशवंती प्रितेश धुर्वे (21) की 15 दिन की मासूम बेटी का पेट फूल रहा था। उसी समय गांव की ही एक बुजुर्ग महिला भुलई जामुनकर (65) उनके घर आई। बच्ची को देखते ही उसने पुरानी प्रथा का हवाला देते हुए कहा कि इसे डम्मा देना पड़ेगा, तभी इसका पेट ठीक होगा।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई में रेलवे टिकट कालाबाजारी का बड़ा भंडाफोड़, VIP कोटे के फर्जी टिकट गिरोह के 6 आरोपी गिरफ्तार
भिवंडी बिल्डिंग हादसा: मरने वालों का आंकड़ा बढ़ा, अब तक 9 शव बरामद, NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
समीर वानखेड़े को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत, जांच में पूछताछ पर अंतरिम रोक
विदर्भ में बारिश की जोरदार वापसी: अमरावती, अकोला और वर्धा में अगले 24 घंटे अलर्ट जारी
अंधविश्वास के चक्कर में न आएं
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों के नागरिकों से किसी भी बीमारी के इलाज के लिए अधविश्वास या झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ने की अपील की। बच्चों की तबीयत खराब होने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या डॉक्टर से ही संपर्क करें। दोषी लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिंदगी से जूझ रही मासूम
गर्म लोहे से दागे जाने के बाद मासूम बच्ची दर्द से तड़पने लगी और उसकी हालत बिगड़ने लगी, घबराए माता-पिता तुरंत बच्ची को लेकर सेमाडोह के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार, नवजात शिशु की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है और ऐसे अमानवीय कृत्य से संक्रमण का गंभीर खतरा बढ़ जाता है। चिखलदरा थाने में मा ने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी महिला भुलई जामुनकर के खिलाफ मामला दर्ज किया।
डॉक्टर की सलाह को ठुकरा कर की बर्बरता
बच्ची की मां ने वृद्धा को रोकने की कोशिश की और बताया कि बच्ची को डॉक्टरों की दवा दी जा रही है और इलाज जारी है। लेकिन आरोपी महिला ने मां की बात को सिरे से खारिज कर दिया और डांटते हुए कहा कि तुझे कुछ समझ नहीं आता।
यह भी पढ़ें:- विदर्भ में बारिश की जोरदार वापसी: अमरावती, अकोला और वर्धा में अगले 24 घंटे अलर्ट जारी
इसके बाद उसने परिजनों की अनसुनी करते हुए घर के चूल्हे पर रखी लोहे की छोटी दराती को लाल-गर्म किया और 15 दिन की मासूम के नाजुक पेट पर कई जगह चटके दिए,
