लाडकी बहिन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, अमरावती में 607 पुरुषों ने महिला बनकर लिया लाभ
Ladki Bahin Scheme Fraud: अमरावती में लाडकी बहिन योजना की जांच में 33,304 अपात्र मिले, जिनमें 607 पुरुष महिला बनकर लाभ ले रहे थे। अधिकारी संजय गट के अनुसार इनसे राशि की वसूली तुरंत शुरू होगी।
- Written By: केतकी मोडक
लाडली बहन योजना प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Men Took Women Benefits In Amravati: लाडकी बहिन योजना के तहत अमरावती जिले में पात्रता की दोबारा जांच और ई-केवाईसी अभियान के बाद बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में 33 हजार 304 लाभार्थियों को अपात्र पाया गया है। इनमें पुरुष लाभार्थी, आयकरदाता, चारपहिया वाहन धारक, निर्धारित आयु सीमा से बाहर के आवेदक तथा अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले शामिल हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों के विपरीत लाभ लेने वाले सभी लोगों से प्राप्त राशि की वसूली की जाएगी। खास बात यह है कि 607 पुरुषों ने महिला बनकर योजना का लाभ लिया है।
7.20 लाख आवेदनों की हुई जांच
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार अमरावती जिले में योजना के लिए कुल 7 लाख 20 हजार 635 महिलाओं ने आवेदन किया था। विस्तृत जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और ई-केवाईसी प्रक्रिया के बाद 6 लाख 95 हजार 350 महिलाएं ही पात्र पाई गई। शेष 33 हजार 304 लाभार्थियों को विभिन्न कारणों से अपात्र घोषित किया गया है।
डाटाबेस मिलान से खुली पोल
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कई अपात्र लाभार्थियों ने 15 से 20 महीनों तक योजना का लाभ प्राप्त किया। पात्रता की जांच के दौरान शासन ने आयकर विभाग, परिवहन विभाग तथा अन्य सरकारी डाटाबेस से जानकारी का मिलान किया। इसके अलावा ई- केवाईसी नहीं कराने, बैंक खाते की गलत जानकारी देने और आय संबंधी गलत विवरण प्रस्तुत करने वाले मामलों की भी पहचान की गई है।
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चौंकाने वाले आंकड़े आए
सामने जांच में चौकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। कुल 1,472 लाभार्थियों की आयु 21 वर्ष से कम पाई गई, जबकि 1,762 लाभार्थी निर्धारित अधिकतम आयु सीमा से अधिक थी। इसके अलावा 607 पुरुषों ने महिला बनकर योजना का लाभ लिया। वहीं 4,505 लाभार्थियी के पास चारपहिया वाहन पाए गए और 15,154 लाभार्थी आयकरदाता श्रेणी में शामिल निकले।
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अपात्रों से वसूली की प्रक्रिया होगी शुरू : गट
अमरावती जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी संजय गट ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार विशेष ई-केवाईसी अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थी सामने आए जो योजना की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते थे। उन्होंने कहा कि अपात्र लाभार्थियों की सूची तैयार कर ली गई है और उनसे नियमविरुद्ध प्राप्त राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, विशेष रूप से फर्जी तरीके से महिला बनकर आवेदन करने वाले पुरुष लाभार्थियों के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
सत्यापन अभियान रहेगा जारी
प्रशासन का कहना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र महिलाओं तक पहुंचे, इसके लिए सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा, अपात्र लाभार्थियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उनसे पूरी राशि वसूल की जाएगी।
