अमरावती में 48 अवैध साहूकारों पर होगी फौजदारी कार्रवाई, सहकार मंत्री की घोषणा

Illegal Moneylending: अमरावती में अवैध साहूकारी के बढ़ते मामलों पर विधानसभा में विधायक सुलभा खोडके ने मुद्दा उठाया। त्रिसदस्यीय समिति गठन व किसानों की जमीन वापस दिलाने के लिए विशेष अभियान की घोषणा की।
amravati illegal moneylenders criminal action 48 accused
Sulabha Khodke (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Amravati Moneylenders: विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक सुलभा संजय खोडके ने जिले सहित पूरे राज्य में पैर पसार रहे अवैध साहूकारी के गंभीर मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा कि अवैध साहूकारी के दलदल में फंसकर किसान आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा रहे हैं, ऐसे में प्रशासन इन दोषियों पर फौजदारी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा। विधायक सुलभा खोडके ने सदन को बताया कि साल 2026 में करीब 2.34 लाख से अधिक किसानों ने साहूकारों से भारी ब्याज पर कर्ज लिया है।

बैंकों से लोन मिलने में होने वाली दिक्कतों के कारण अवैध साहूकारी का जाल बढ़ा है। उन्होंने किसानों को इस संकट से बचाने के लिए कानूनी वित्तीय संस्थाओं की कर्ज प्रणाली को बेहद सरल बनाया जाए और विशेष छूट योजनाएं लागू करने की मांग की।

अवैध साहूकारी पर सरकार सख्त

जिले में अवैध साहूकारी के कितने मामले दर्ज हैं और प्रशासन ने अब तक कितनी प्रभावी कार्रवाई की है, ऐसा पूछने पर सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने माना कि अमरावती में अवैध साहूकारी की समस्या बढ़ी है। उन्होंने सदन में जिले में अवैध साहूकारी की कुल 384 शिकायतें मिली थीं। जांच के बाद 34 मामलों में सच्चाई पाई गई है, जिसके तहत 48 आरोपियों के खिलाफ सख्त फौजदारी मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी, ऐसा बताया। त्रिसदस्यीय समिति का गठन इस अवैध धंधे को रोकने के लिए जिला स्तर पर एक त्रिसदस्यीय प्रशासनिक समिति बनाई जाएगी। साथ ही जिलाधिकारी की अध्यक्षता में फसल ऋण वितरण की निगरानी की जाएगी।

अमरावती में 48 आरोपियों पर दर्ज होगा मामला

पारदर्शिता लाने के लिए सभी लाइसेंस धारक साहूकारों को अपने घर के बाहर सरकार द्वारा तय ब्याज दरों का बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। अवैध रूप से कब्जाई गई किसानों की जमीन और संपत्ति को वापस दिलाने के लिए प्रशासन विशेष अभियान चलाएगा। अंत में मंत्री ने बताया कि पीएम किसान सम्मान योजना के तहत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी जा रही है, जिसमें मत्स्य पालन और पशुपालन के लिए भी स्वतंत्र ऋण की व्यवस्था शामिल है।

Navbharat Live
navbharatlive.com