

Amravati Illegal Liquor Smuggling 1509 Actions 1582 Arrests:अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और अंतरराज्यीय तस्करी के खिलाफ राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने अमरावती जिले में बड़े स्तर पर कार्रवाई की है।
जिले की विभिन्न तहसीलों और शहर सीमा में विभाग की विशेष टीमों ने अब तक 1,509 छापामार कार्रवाइयां की हैं। इन कार्रवाई के दौरान कुल 1 करोड़ 18 लाख 34 हजार 850 रुपए मूल्य की अवैध शराब, कच्चा माल और तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन जब्त किए गए हैं।
विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 1,509 कार्रवाई में 1,421 वारिस मामले यानी जिनमें आरोपियों की पहचान हुई, जबकि 88 बेवारिस मामले शामिल हैं। छापेमारी के दौरान आबकारी विभाग की टीमों ने कुल 1,582 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ आबकारी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
अवैध शराब के परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 38 चारपहिया और दोपहिया वाहनों को भी विभाग ने जब्त किया है। कार्रवाई में शराब के साथ अवैध शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल भी जब्त किया गया।
आगामी त्योहारों और चुनावी माहौल को देखते हुए अमरावती जिले में अवैध शराब की आपूर्ति रोकने के लिए आबकारी विभाग ने निगरानी और बढ़ा दी है। आबकारी अधीक्षक के दिशा-निर्देशों पर विशेष उड़न दस्ते सक्रिय हैं।
ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में ढाबों, हाईवे होटलों तथा मध्य प्रदेश सीमा से जुड़े मार्गों पर रात के समय गश्त बढ़ाई गई है। इसके अलावा संदिग्ध स्थानों पर अचानक नाकेबंदी कर वाहनों की जांच की जा रही है।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार अवैध रूप से शराब बनाने वाली भट्टियों तथा ढाबों और अन्य स्थानों पर अवैध शराब परोसने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विशेष टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच और अचानक छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य उत्पादन शुल्क विभाग का अमरावती स्थित जिला कार्यालय जल्द ही नए भवन से संचालित होगा। अमरावती रेलवे स्टेशन चौक के पास विभाग की नई इमारत का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। वर्तमान में फाइलिंग, वायरिंग और केबलिंग का काम अंतिम चरण में है।
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, अगले एक महीने के भीतर विभाग का पूरा तंत्र नए भवन में स्थानांतरित किए जाने की तैयारी है।
फिलहाल राज्य उत्पादन शुल्क विभाग का जिला कार्यालय राजापेठ चौक से कंवरनगर जाने वाले मार्ग पर स्थित किराए की इमारत में संचालित हो रहा है। नए भवन में आधुनिक तकनीक, विशाल मालखाना और बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। विभाग के नए कार्यालय में स्थानांतरण के बाद कामकाज को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।