खेतों में पहुंचा प्रशासन, अमरावती में सूखे के पंचनामे शुरू, अचलपुर और बेनोडा में खेतों पर पहुंची विशेष टीमें

Amravati Drought Panchnama: अमरावती जिले में सूखा घोषित होने के बाद फसल नुकसान के पंचनामे शुरू कर दिए गए हैं। अचलपुर और वरूड के बेनोडा मंडल में विशेष टीमें खेतों में पहुंचकर फसलों का सर्वे कर रही हैं।
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अमरावती सूखा पंचनामा एआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Amravati Crop Damage Survey: शासन द्वारा जिले में सूखा घोषित किए जाने के बाद इसके संदर्भ में पहला ट्रिगर लगाया गया है। शासन के निर्देशों के तहत जिले में सूखे के पंचनामों की प्रक्रिया प्रत्यक्ष खेतों में जाकर तेजी से शुरू कर दी गई है।

अचलपुर में विशेष दलों का गठन

इस प्रक्रिया के लिए उपविभागीय राजस्व अधिकारी बलवंत अरखराव के मार्गदर्शन में अचलपुर तहसीलदार सुदर्शन शहारे, गट विकास अधिकारी और तालुका कृषि अधिकारी के संयुक्त मार्गदर्शन में विशेष दल गठित किए गए हैं। इन दलों में राजस्व अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी और कृषि विकास अधिकारी शामिल हैं। तहसील के सभी राजस्व मंडलों में दल रवाना किए गए हैं। इनमें 30 ग्राम राजस्व अधिकारी शामिल हैं।

बेनोडा मंडल में भी शुरू हुआ सर्वेक्षण

विभिन्न उपाययोजनाएं और रियायतें लागू करने की पृष्ठभूमि में वरूड तहसील के बेनोडा (शहीद) मंडल में भी फसल पंचनामे शुरू किए गए हैं। जिलाधिकारी आशीष येरेकर के आदेशानुसार राजस्व और कृषि विभाग के कर्मचारी खेतों में जाकर फसलों की स्थिति और नुकसान दर्ज कर रहे हैं।

संतरा, सोयाबीन, कपास और तुअर का नुकसानः बेनोडा (शहीद) मंडल क्षेत्र में कम बारिश के कारण संतरा फसल के साथ सोयाबीन, कपास और तुअर फसलों को नुकसान हुआ है। मंगलवार से सर्वेक्षण शुरू किया गया है। ग्राम राजस्व अधिकारी अशोक मुनेश्वर और मंडल अधिकारी राहुल वानखड़े ने किसानों के खेतों की मेड़ पर पहुंचकर फसलों के नुकसान का सर्वेक्षण और पंचनामा किया। इस दौरान संबंधित किसान उपस्थित थे।

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फसल सर्वेक्षण के लिए विशेष दल सक्रिय

किसानों की मौजूदगी में पंचनामे शासन के निर्देशानुसार दल प्रत्येक किसान के खेत में पहुंचकर किसान की मौजूदगी में ही पंचनामा कर रहे हैं। फसलों की वास्तविक स्थिति और नुकसान का विवरण दर्ज कर वस्तुस्थिति दर्शाने वाली रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

यह रिपोर्ट जल्द शासन स्तर पर प्रस्तुत की जाएगी, ताकि नुकसानग्रस्त किसानों को राहत मिल सके। तहसीलदार सुदर्शन शहारे ने किसानों से संबंधित पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी और कृषि अधिकारियों के संपर्क में रहने का आह्वान किया।

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