अमरावती में भूतबाधा की अफवाह से 300 छात्राएं घर लौटीं, छात्राओं के रहस्यमय व्यवहार से मचा हड़कंप

School Students Mass Hysteria Case: अमरावती की आश्रमशाला में छात्राओं के असामान्य व्यवहार से भूतबाधा की अफवाह फैली। 300 छात्राएं घर लौटीं, जांच में मामला मास हिस्टीरिया से जुड़ा बताया गया।
School Students Mass Hysteria Case
स्कूल के छात्रों में सामूहिक हिस्टीरिया का मामला(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Doma Ashram School Students Mass Hysteria: अमरावती जिले में मेलघाट के आदिवासी बहुल क्षेत्र की शासकीय आश्रमशाला में छात्राओं के अचानक रोने, हंसने और असामान्य व्यवहार करने की घटना के बाद 'भूतबाधा' की अफवाह फैल गई।

इससे छात्राओं और पालकों में दहशत का माहौल बन गया और 300 से अधिक छात्राएं छात्रावास छोड़कर घर चली गईं। हालांकि चिकित्सकीय जांच के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने इसे भूतबाधा नहीं, बल्कि 'मास हिस्टीरिया' यानी सामूहिक मानसिक तनाव से जुड़ा मामला बताया है।

अचानक रोने-हंसने लगीं छात्राएं

चिखलदरा तहसील के डोमा तथा धारणी क्षेत्र के समीप स्थित आश्रमशाला में दो-तीन दिन पहले करीब 15-16 छात्राओं के रोने, हंसने और घबराहट जैसे लक्षण दिखाई दिए। कुछ छात्राओं ने अजीब आवाजें सुनाई देने की बात भी कही। इसके बाद परिसर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई और घटना को 'भूतबाधा' से जोड़कर अफवाह फैल गई।

घटना की जानकारी पालकों तक पहुंचने के बाद कई लोगों ने अपनी बच्चियों को छात्रावास से घर बुला लिया। इसके चलते 300 से अधिक छात्राओं के हॉस्टल छोड़ने की स्थिति बनी। बड़ी संख्या में छात्राओं के घर लौटने से प्रशासन सतर्क हो गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आश्रमशाला पहुंचकर छात्राओं की जांच और उनसे बातचीत शुरू की।

मास हिस्टीरिया का मामला

चिकित्सकों के अनुसार किसी एक व्यक्ति में दिखाई देने वाले तनाव या भय का प्रभाव आसपास के लोगों पर भी पड़ सकता है। इससे कई लोगों में एक जैसे शारीरिक या व्यवहार संबंधी लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसे मास हिस्टीरिया या सामूहिक मानसिक तनाव कहा जाता है। अधिकारियों ने भी घटना को इसी से जुड़ा बताया है।

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पुणे से पहुंची एनजीओ टीम

आदिवासी विभाग की आयुक्त टीना बनसोड ने आश्रमशाला का दौरा कर छात्राओं के समुपदेशन की सलाह दी। वहीं अंधश्रद्धा निर्मूलन से जुड़ी पुणे की एनजीओ टीम भी पिछले दो दिनों से यहां रुककर मामले की जांच कर रही है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग छात्राओं तथा पालकों की काउंसलिंग कर रहे हैं।

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