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अमरावती जिले के दर्यापुर विधानसभा क्षेत्र के शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक गजानन लवटे के कार्यालय को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया।
चोर कार्यालय से सरकारी दस्तावेज और नागरिकों द्वारा सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य व अन्य समस्याओं को लेकर सौंपे गए ज्ञापन चोरी कर ले गए।
चोरों ने CCTV सिस्टम में तोड़फोड़ करने के बाद उसका DVR भी अपने साथ ले लिया। इस वजह से चोरी के पीछे किसी विशेष उद्देश्य की आशंका जताई जा रही है।
Daryapur MLA Office Robbery: अमरावती जिले के दर्यापुर विधानसभा क्षेत्र के शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक गजानन लवटे के कार्यालय को ही चोरों ने निशाना बनाकर सेंध लगा दी। अज्ञात आरोपी कार्यालय में घुसकर सरकारी दस्तावेज, नागरिकों द्वारा विभिन्न समस्याओं को लेकर सौंपे गए ज्ञापन और सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर चोरी कर ले गए। विशेष बात यह है कि चोरों ने सीसीटीवी सिस्टम में तोड़फोड़ करने के बाद डीवीआर भी अपने साथ ले लिया। इस घटनाक्रम से चोरी के पीछे किसी विशेष उद्देश्य की आशंका जताई जा रही है।
दर्यापुर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। विधायक कार्यालय आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों के निराकरण का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। क्षेत्र के नागरिक सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, विकास कार्यों और किसानों की समस्याओं को लेकर यहां ज्ञापन सौंपते हैं। इन ज्ञापनों के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों के समक्ष समस्याएं रखकर उनके निराकरण के लिए प्रयास किए जाते हैं, ऐसे में कार्यालय से महत्वपूर्ण दस्तावेजों और नागरिकों के ज्ञापनों का चोरी होना गंभीर मामला माना जा रहा है।
इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाली बात सीसीटीवी सिस्टम की तोड़फोड़ और डीवीआर की चोरी है। आखिर चोरों ने केवल सामान चोरी करने के बजाय सीसीटीवी का डीवीआर क्यों उठाया ? क्या अपनी पहचान छिपाने के लिए ऐसा किया गया या कार्यालय में रखे किसी विशेष दस्तावेज अथवा जानकारी तक पहुंचने के उद्देश्य से चोरी की गई? इन सवालों को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर शुरू है।
जनप्रतिनिधि के कार्यालय में इस तरह चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। विशेषकर सरकारी कामकाज से जुड़े दस्तावेज और आम नागरिकों के ज्ञापन चोरी होने से मामले की गंभीरता बढ़ गई है। पुलिस के सामने चोरों की पहचान करने, चोरी गए दस्तावेजों और डीवीआर को बरामद करने की चुनौती है। चोरी के पीछे वास्तविक मकसद क्या था, क्या चोरों का निशाना केवल सामान था या कुछ विशेष दस्तावेज ? इन सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल दर्यापुर पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।