Amravati Central Jail Prisoner Attack: अमरावती जिला मध्यवर्ती कारागार में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक विचाराधीन कैदी ने अचानक उग्र रूप धारण कर ड्यूटी पर तैनात सिपाही पर हमला कर दिया। देखते ही देखते शांत माहौल तनाव में बदल गया और जेल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। इस घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फ्रेजरपुरा पुलिस ने आरोपी कैदी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
फोटो जेलसूत्रों के अनुसार, आरोपी कैदी तौसीफोद्दीन फैजोद्दीन काजी, जो अकोला से स्थानांतरित होकर अमरावती जेल में रखा गया है, हत्या के एक गंभीर मामले में विचाराधीन है। घटना के दिन वह जेल परिसर में न्यू बैरक के सामने बैठा हुआ था। ड्यूटी पर मौजूद सिपाही ईश्वर डहाणे ने उसे नियमानुसार वहां से हटने और अपनी बैरक में जाने को कहा। लेकिन इस मामूली बात पर कैदी का गुस्सा भड़क उठा।
वर्दी फाड़ी, लाठी छीनने की कोशिश प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कैदी ने अचानक गालीगलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते उसने सिपाही पर हमला बोल दिया। उसने न सिर्फ सिपाही को धक्का दिया, बल्कि उनके हाथ से सरकारी लाठी छीनने की भी कोशिश की। इस दौरान दोनों के बीच जमकर हाथापाई हुई। हमले में सिपाही ईश्वर डहाणे के हाथ में गंभीर चोट आई, वहीं आरोपी ने उनकी वर्दी फाड़ दी। यह पूरा घटनाक्रम कुछ मिनटों में ही बेहद हिंसक रूप ले चुका था।
अन्य जेल कर्मियों ने काबू किया जेल में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को संभालने की कोशिश की। नामदेव आरसले, सुरेश कडबे और अनिल सोनवणे सहित अन्य कर्मियों ने मिलकर आरोपी को काबू में किया। काफी मशक्कत के बाद उसे नियंत्रण में लाया गया और कार्यालय की ओर ले जाया गया।
जेल से बाहर आने पर गेम बजाने की धमकी लेकिन मामला यहीं शांत नहीं हुआ। आरोपी कैदी ने जातेजाते और भी खतरनाक तेवर दिखाए। उसने सिपाही को खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि वह 20 तारीख को जेल से छूटने वाला है और बाहर आने के बाद उसे नहीं छोड़ेगा। तुझे बाहर देख लूंगा, तेरा गेम बजा दूँगा, जैसी धमकी देकर उसने माहौल को और भयावह बना दिया। इस धमकी के बाद जेल कर्मियों में भी चिंता का माहौल देखा गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सिपाही ईश्वर डहाणे ने तुरंत फ्रेजरपुरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी कैदी के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना के सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
जेल की सुरक्षा पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर जेलों में सुरक्षा और अनुशासन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर एक विचाराधीन कैदी इस तरह से हिंसक कैसे हो गया और उसने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती कैसे दी, यह जांच का विषय बना हुआ है। वहीं, जेल प्रशासन अब इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की तैयारी में जुट गया है।