

Amravati Bhatkuli Ashramshala Student Death Inquiry: अमरावती के भातकुली स्थित आश्रमशाला में कक्षा 5वीं में पढ़ने वाली प्रिया गणेश मावसकर की उपचार के दौरान मौत हो गई।
धारणी तहसील के रानीगांव निवासी प्रिया की तबीयत पेट दर्द के बाद बिगड़ी थी। मामले की जांच के लिए धारणी एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प अधिकारी ने समिति गठित कर सात दिनों में रिपोर्ट मांगी है।
धारणी, भातकुली स्थित आश्रमशाला में कक्षा 5वीं में पढ़ने वाली छात्रा की अचानक मौत से परिजनों और गांव में शोक का माहौल है। मृतक छात्रा की पहचान प्रिया गणेश मावसकर, निवासी रानीगांव, तहसील धारणी के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, प्रिया की तबीयत कुछ दिन पहले खराब हुई थी। उसे पेट दर्द की शिकायत थी। तबीयत बिगड़ने के बाद उसे उपचार के लिए अमरावती ले जाया गया, जहां परिजात अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान ही प्रिया की मौत हो गई।
प्रिया की अचानक मौत के वास्तविक कारण को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हुई है, लेकिन उसकी तबीयत बिगड़ने से लेकर अस्पताल में उपचार और मौत तक की परिस्थितियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आने की संभावना है।
छात्रा की मौत के बाद आश्रमशाला में विद्यार्थियों की स्वास्थ्य देखभाल और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन सवालों पर स्थिति जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए धारणी एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प के प्रकल्प अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला ने जांच समिति गठित की है। समिति में भातकुली तहसीलदार, स्वास्थ्य अधिकारी, विस्तार अधिकारी और शिक्षक को शामिल किया गया है।
समिति को मामले की विस्तृत जांच कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रकल्प अधिकारी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में छात्रा की तबीयत कब बिगड़ी, उसे किस स्थिति में अस्पताल ले जाया गया और उपचार के दौरान क्या परिस्थितियां रहीं, इन सभी बिंदुओं की जानकारी जुटाई जाएगी।
प्रिया का अंतिम संस्कार शनिवार को उसके पैतृक गांव रानीगांव में किया गया। इस दौरान मेलघाट के विधायक केवलराम काले, आदिवासी प्रकल्प कार्यालय के प्रकल्प अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला सहित परिजन मौजूद रहे।
छात्रा की अचानक मौत से रानीगांव में शोक का माहौल है। अब सभी की नजरें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही छात्रा की मौत से जुड़े पूरे घटनाक्रम और कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।