Amravati News: अमरावती भारतीय संविधान ने हर नागरिक को सम्मान से जीने का अधिकार दिया है। लोकतंत्र की नींव संवैधानिक मूल्यों पर टिकी है और सरकार का यह कर्तव्य है कि वह समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष प्रावधान करे। यह प्रतिपादन पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने किया।
फोटो समता सप्ताहवे सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग द्वारा समता सप्ताह के अंतर्गत आयोजित लाभार्थी सत्कार एवं लाभ वितरण समारोह में बोल रहे थे। सामाजिक न्याय भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में भारतरत्न डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का वितरण किया गया। पालकमंत्री ने कहा कि संविधान की शक्ति ही है जिसने आज 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में पिरोया है।
उन्होंने अमरावती के इरविन चौक पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का एक भव्य स्मारक बनाने, नागपुर की तर्ज पर अमरावती में भी समाज कल्याण विभाग के माध्यम से छात्रों के लिए अत्याधुनिक अध्ययन केंद्र और ईलाइब्रेरी शुरू करने की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान पालकमंत्री के हाथों अनुसूचित जातिजनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पीड़ित परिवारों के वारिसों को शासकीय सेवा में नियुक्ति आदेश दिए गए।
कर्मवीर दादासाहेब गायकवाड सबलीकरण एवं स्वाभिमान योजना के तहत लाभार्थियों को जमीन के पट्टे सौंपे गए। सरकारी छात्रावासों और अध्ययन केंद्रों में पढ़कर सरकारी नौकरी पाने वाले मेधावी छात्रों का विशेष सम्मान किया गया। राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मेधावी छात्रवृत्ति और अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए विदेशी छात्रवृत्ति का वितरण भी किया गया।
इस समय विधायक संजय खोडके, सुलभा खोडके, राजेश वानखडे, प्रवीण तायडे, महापौर श्रीचंद तेजवानी, पूर्व मंत्री प्रवीण पोटेपाटील, जिलाधिकारी आशीष येरेकर, क्षेत्रीय उपायुक्त माया केदार और सहायक आयुक्त राजेंद्र जाधवर सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत में सामाजिक न्याय विभाग की जनकल्याणकारी योजना पुस्तिका का विमोचन किया गया। सहायक आयुक्त राजेंद्र जाधवर ने प्रास्ताविक भाषण दिया, जबकि कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन श्रीकृष्ण पखाले ने किया।