

Bacchu Kadu Abuse: अपने आक्रामक तेवरों के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व मंत्री बच्चू कडू एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। सोशल मीडिया पर लगातार हो रही ट्रोलिंग से तंग आकर बच्चू कडू का धैर्य जवाब दे गया और मीडिया से बात करते हुए उनकी जुबान इस कदर फिसली कि उन्होंने ट्रोलर्स को सरेआम भद्दी गालियां दे दीं। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है।
सोशल मीडिया पर खुद को निशाना बनाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए बच्चू कडू ने ट्रोलर्स की तुलना बिकाऊ सामान से कर दी। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा, हम इन ट्रोलर्स की रत्ती भर भी चिंता नहीं करते। ये लोग 50-50 पैसे में बिकने वाले लोग हैं। इनमें से आधे से ज्यादा बिकाऊ हैं। अगर मुझे भी किसी को ट्रोल करवाना हो, तो मैं केवल 1 लाख रुपये खर्च करके यह काम करवा सकता हूँ। ऐसे भाड़े के लोगों से बच्चू कडू कभी नहीं डरता।
अपनी बात रखते हुए बच्चू कडू ने स्पष्ट किया कि चाहे कितनी भी ट्रोलिंग हो, वे अपने सिद्धांतों से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि आज की कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में भी वे और उनकी पार्टी मजबूती से टिके रहेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि कृषकों (किसानों) और दिव्यांगों का मुद्दा ही उनकी राजनीति का मुख्य आधार है और यही उनकी ईमानदारी है। उन्होंने कहा कि वे जमीन से जुड़े मुद्दों पर काम करते हैं, न कि सोशल मीडिया की हवा पर।
हालाँकि, अपनी ईमानदारी और काम का बखान करते-करते बच्चू कडू अपना आपा खो बैठे। ट्रोलर्स के प्रति अपना गुस्सा जाहिर करने के दौरान उन्होंने अभद्र भाषा और गालियों का इस्तेमाल किया। चूंकि यह पूरी घटना मीडिया के कैमरों के सामने हुई, इसलिए उनके द्वारा दी गई गालियों का अंश रिकॉर्ड हो गया और अब विपक्षी दल व सोशल मीडिया यूजर्स इसे लेकर उन्हें घेर रहे हैं।
बच्चू कडू हमेशा से ही अपने बेबाक बयानों और कभी-कभी अधिकारियों पर हाथ उठाने जैसी घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन इस बार सीधे मीडिया के सामने अपशब्दों का प्रयोग करने पर बहस छिड़ गई है। समर्थकों का कहना है कि वे केवल अपनी भावनाओं को व्यक्त कर रहे थे, जबकि आलोचकों का मानना है कि एक जन-प्रतिनिधि को सार्वजनिक जीवन में संयम बरतना चाहिए। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस गाली कांड के बाद बच्चू कडू की राजनीतिक छवि पर क्या असर पड़ता है और क्या वे अपने इस व्यवहार पर कोई सफाई पेश करते हैं।