अमरावती में कृषि विभाग का अधिकारी 70 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार, एसीबी की बड़ी कार्रवाई
Amravati ACB Bribery Case: अमरावती में कृषि विभाग के जिला गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक विराग देशमुख ₹70,000 की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार। ACB ने निजी कार में ट्रैप कर मामला दर्ज किया।
- Written By: केतकी मोडक
रिश्वत प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Agriculture Department Officer Arrested In Amravati: भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अमरावती एंटी करप्शन ब्यूरो ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी की टीम ने कृषि विभाग के एक क्लास-2 स्तर के भ्रष्ट अधिकारी को 70,000 रुपये की भारी-भरकम रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम विराग आनंदराव देशमुख है, जो जिला गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक के महत्वपूर्ण पद पर तैनात है। अधिकारी ने यह घूस अपनी निजी गाड़ी में बैठकर ली थी, जहां घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
खाद सैंपलिंग की कार्रवाई दबाने के लिए मांगी थी घूस
मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले के शिकायतकर्ता अमरावती जिले में एक कृषि केंद्र चलाते हैं। कुछ दिनों पहले जिला गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक विराग देशमुख ने शिकायतकर्ता के कृषि केंद्र का औचक निरीक्षण किया था और वहां से जांच के लिए रासायनिक खाद के दो नमूने लिए थे।
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इन नमूनों को आगे की आधिकारिक जांच के लिए प्रयोगशाला न भेजने, कृषि केंद्र के खिलाफ कोई कानूनी रिपोर्ट न बनाने और भविष्य में दुकान से किसी अन्य कंपनी के खाद के नए नमूने लेकर परेशान न करने के एवज में विराग देशमुख ने सीधे 70,000 रुपये की रिश्वत की डिमांड रख दी। शिकायतकर्ता इस तरह की अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ था, इसलिए उसने तुरंत शनिवार सुबह ही अमरावती एसीबी कार्यालय पहुंचकर इस मामले की एक लिखित शिकायत दर्ज करा दी।
निजी कार के भीतर हुआ लेन-देन
शिकायत मिलते ही एसीबी के पुलिस उप अधीक्षक और उनकी टीम ने तुरंत सक्रियता दिखाई। सबसे पहले गवाहों की मौजूदगी में शिकायत का डिजिटल सत्यापन कराया गया, जिसमें अधिकारी विराग देशमुख द्वारा 70,000 रुपये की घूस मांगे जाने की बात पूरी तरह सच साबित हुई। इसके तुरंत बाद एसीबी ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक सटीक जाल बुना।
योजना के मुताबिक, जैसे ही शिकायतकर्ता रिश्वत की राशि देने के लिए अधिकारी के पास पहुंचा, विराग देशमुख ने चालाकी दिखाते हुए उसे अपने दफ्तर के बजाय बाहर खड़ी अपनी निजी गाड़ी में पैसे देने को कहा। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने गाड़ी के भीतर 70,000 रुपये कैश अपने हाथों में स्वीकार किए, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में मुस्तैद एसीबी के अधिकारियों और जवानों ने गाड़ी को घेर लिया और विराग देशमुख को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों दबोच लिया।
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गाडगेनगर थाने में मामला दर्ज
रिश्वतखोर अधिकारी विराग देशमुख को तुरंत हिरासत में लेकर गाडगेनगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहाँ उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया देर शाम तक जारी रही। एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद अब आरोपी के घर और अन्य ठिकानों की भी तलाशी ली जा सकती है, ताकि उसकी आय से अधिक संपत्ति का पता लगाया जा सके।
एसीबी ने जिले के सभी व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो तुरंत इसकी सूचना एसीबी के हेल्पलाइन नंबर पर दें।
