Amravati में जन्म प्रमाणपत्र विवाद, एमआईएम ने मनपा से कार्रवाई वापस लेने को कहा
Amravati में एमआईएम ने मनपा द्वारा 504 नागरिकों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की। एमआईएम पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बयान दिया है कि बिना जांच निर्दोषों पर कार्रवाई प्रशासनिक अन्याय है।
- Written By: अपूर्वा नायक
अमरावती न्यूज
Amravati News In Hindi: मनपा क्षेत्र के 504 नागरिकों के खिलाफ जन्म प्रमाण पत्र बोगस रुप से बनाए जाने पर मनपा व्दारा सिटी कोतवाली में दर्ज की गई एफआईआर को वापस लेने की मांग ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) ने सोमवार को मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक को ज्ञापन सौंप कर की है।
एमआईएम शहर अध्यक्ष हाजी इरफान खान के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि निर्दोष नागरिकों पर बिना जांच के एफआईआर दर्ज करना प्रशासनिक और संवैधानिक दृष्टि से अनुचित है। ज्ञापन में बताया कि साल 2024 में कई नागरिकों ने अपने वैध दस्तावेजों के आधार पर अदालत के आदेश से जन्म प्रमाणपत्र बनवाए थे।
2025 में प्रशासन ने इन्हें अचानक रद्द कर दिया और 15 सितंबर को इन्हें वापस जमा करने का आदेश जारी किया। परंतु यह सूचना सभी तक नहीं पहुंचाई गई, न किसी अधिकारी ने संपर्क किया, न फोन किया। जिन लोगों को जानकारी थी, उन्होंने प्रमाणपत्र वापस जमा भी कर दिए और उसकी रसीद भी मौजूद है। इसके बावजूद सभी 500 लोगों के नाम FIR सूची में शामिल कर दिए गए, जो सरासर अन्याय कारक है
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मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
मामले की निष्पक्ष जांच किए जाने और राजनीतिक दबाव में निर्दोष लोगों पर किए गए दर्ज मामले वापस लेने की मांग ज्ञापन में की गई। हाजी इरफान ख़ान ने चेतावनी दी कि अगर मनपा ने FIR वापस नहीं ली, तो MIM की ओर से चक्का जाम और ठिया आंदोलन किया जाएगा। इस समय मो। इकबाल, अब्दुल हमीद, शाहजाद खान, हाफिज ताहिर, मौलवी इकराम, इकबाल साहिल, नफीज पहेलवान, मोहम्मद रिजवान, शेख फारूक, अनीस शाह, अब्दुल मतीन, जावेद भाई, जफर भाई, इकबाल खान (गुड्डु भाई), सहित बड़ी संख्या में एमआईएम कार्यकर्ता उपस्थित थे।
