महिला डॉक्टर की लापरवाही से प्रसूता की मौत, जांच समिति की रिपोर्ट के बाद मामला दर्ज
Achalpur Hospital News: अमरावती के अचलपुर उपजिला अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत मामले में महिला डॉक्टर पर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगा है।
Achalpur Hospital Negligence News: अमरावती के अचलपुर उपजिला अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत मामले में महिला डॉक्टर पर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगा है। जिला सामान्य अस्पताल की जांच समिति की रिपोर्ट में डॉक्टर को दोषी पाए जाने के बाद राजापेठ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Medical Negligence Amravati: अचलपुर उपजिला अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान एक महिला डॉक्टर की घोर लापरवाही के कारण एक प्रसूता की मौत होने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। जिला सामान्य अस्पताल की जांच समिति की रिपोर्ट में डॉक्टर की लापरवाही उजागर होने के बाद घटना के करीब एक साल बाद राजापेठ पुलिस ने आरोपी महिला डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया।फोटो फोटो फाईलसिजेरियन के बाद शुरू हुआ पेट दर्दशिकायत के अनुसार शिकायतकर्ता मोहम्मद इरफान मोहम्मद उस्मान 32, मार्कंडा, चांदूर बाजार, अमरावती की बहन की शादी वर्ष 2021 में हुई थी और उसकी 3 साल की एक बेटी है।
जब वह दूसरी बार गर्भवती हुई, तो उसे डिलीवरी के लिए अचलपुर उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया था। 19 फरवरी 2025 को शाम करीब 5 बजे अस्पताल की संबंधित महिला डॉक्टर ने पीड़ित महिला का सिजेरियन ऑपरेशन किया, जिसके बाद उसने एक बेटे को जन्म दिया। हालांकि उसी रात से महिला के पेट में तेज दर्द शुरू हुआ। जब भाई और रिश्तेदारों ने डॉक्टरों को इस तकलीफ के बारे में बताया, तो उन्होंने यह कहकर बात टाल दी कि ऑपरेशन के बाद थोड़ा बहुत दर्द तो होता ही है।गर्भाशय और 3 लीटर खून निकालारात करीब 11.30 बजे जब महिला के खून की जांच की गई, तो पता चला कि उसके शरीर में खून की भारी कमी हो गई है।
लगभग 3 लीटर दूषित खून निकाला
डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि महिला के खून में इन्फेक्शन हो गया है, इसलिए पेट से दूषित खून निकालना पड़ेगा। इसके बाद 22 फरवरी 2025 को डॉक्टरों ने महिला के टांके दोबारा खोले और उसके पेट से गर्भाशय और लगभग 3 लीटर दूषित खून निकाला। इसके बावजूद महिला की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ और उसी रात उसने दम तोड़ दिया। 23 फरवरी को शव का पोस्टमार्टम करने के बाद उसका अंतिम संस्कार ब्रह्मनवाड़ा थड़ी में किया गया।
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रिपोर्ट में डॉक्टर दोषी करार
मृतका के भाई मोहम्मद इरफान ने आरोप लगाया कि महिला डॉक्टर ने उसकी बहन का ऑपरेशन ठीक से नहीं किया था। बारबार दर्द की शिकायत करने के बावजूद डॉक्टर और वहां के स्टाफ ने मरीज पर कोई ध्यान नहीं दिया। डॉक्टरों की इसी लापरवाही के कारण उसकी बहन की मौत हुई।
चिकित्सा समिति का गठन
इस मामले की शिकायत मिलने के बाद अमरावती के जिला सामान्य अस्पताल में विशेषज्ञों की एक चिकित्सा समिति का गठन किया गया था। पाइंटरहाल ही में जिला सिविल सर्जन द्वारा सौंपी गई लिखित जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि 19 फरवरी 2025 को सिजेरियन होने के बाद जब मरीज को पेट में तकलीफ हो रही थी, तब महिला डॉक्टर ने इलाज में भारी लापरवाही और निष्पक्षता की कमी बरती, जिसके कारण महिला की मृत्यु हुई। कमेटी की इस आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर शिकायतकर्ता मोहम्मद इरफान की तहरीर पर राजापेठ पुलिस ने 23 मई को परतवाडा निवासी आरोपी महिला डॉक्टर के खिलाफ विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू है।
