Washim News: बारिश थमने से फसलों पर संकट, वाशिम जिले के जलाशयों में सिर्फ 10.35% पानी
Washim Kharif Sowing: वाशिम जिले में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खरीफ फसलों की करीब 90% बुआई पूरी हो चुकी है, लेकिन बारिश की कमी के कारण नई फसलों पर संकट मंडरा रहा है।
Washim Dam Water Level (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Washim Monsoon Slows Down: वाशिम जिले में मानसून की रफ्तार अचानक थमने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खरीफ सीजन की लगभग 90 प्रश बुआई पूरी हो चुकी है, लेकिन पिछले पांचछह दिनों से बारिश नहीं होने के कारण नई अंकुरित फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर में दबाव प्रणाली कमजोर होने के कारण 10 से 15 जुलाई के बीच वर्षा की गतिविधियां कम रहने की संभावना है। वहीं, अल नीनो के प्रभाव से इस वर्ष सामान्य से कम बारिश होने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि जुलाई के अंतिम सप्ताह में मानसून के फिर सक्रिय होने की उम्मीद है।
खरीफ बुआई पूरी होने के बाद बारिश का इंतजार
जिले में 23 जून के बाद हुई बुआई योग्य वर्षा से किसानों ने तेजी से खरीफ फसलों की बुआई की। इस वर्ष लगभग 3।99 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ बुआई का लक्ष्य है, जिसमें अब तक करीब 90 प्रश बुआई पूरी हो चुकी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय फसलों की अच्छी वृद्धि के लिए नियमित वर्षा आवश्यक है।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र FDA का बड़ा एक्शन: एसिलॉक प्लस की 2.45 करोड़ रुपए की दवाएं प्रतिबंधित, कंपनी को रिकॉल का आदेश
उद्धव ठाकरे के कार्यकाल में सिद्धिविनायक मंदिर में हुई गड़बड़ी? शिंदे गुट के कृष्ण हेगड़े ने उठाए गंभीर सवाल
अकोला में जांबाज पुलिसकर्मी प्रवीण ढगेकर का भव्य सम्मान, प्राणों की बाजी लगाकर आरोपी को था दबोचा
G4 Monsoon Rally 2.0: नासिक में राष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट्स प्रतियोगिता 18 और 19 जुलाई को होगी
ये भी पढ़े: अकोला GMC और सुपर स्पेशालिटी अस्पताल पहुंचे विधायक रणधीर सावरकर, औचक निरीक्षण कर लिया व्यवस्थाओं का जायजा
यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश नहीं हुई तो नई फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। जलाशयों की स्थिति भी चिंताजनक है। मानसून की धीमी रफ्तार का असर जिले के जलाशयों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। 11 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार जिले के 77 जलाशयों में औसतन केवल 10।35 प्रतिशत जल भंडारण है।
वाशिम के 29 जलाशय सूखे
दो मध्यम परियोजनाओं में महज 6.44 प्रश पानी उपलब्ध है। वाशिम शहर को पेयजल उपलब्ध कराने वाले एकबुर्जी जलाशय में 7.94 प्रश तथा सोनल मध्यम परियोजना में केवल 5.38 प्रश जल संग्रहण दर्ज किया गया है। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले के 29 जलाशय पूरी तरह खाली हैं।
इनमें वाशिम तहसील के 16, मालेगांव के 8, रिसोड के 2, मंगरूलपीर के 2 और मानोरा तहसील का 1 जलाशय शामिल है। केवल 17 जलाशयों में 20 से 30 प्रश या उससे अधिक जल भंडारण है।
