मतदाता सूची पुनरीक्षण के बीच अधिकारियों के तबादलों पर रोक, निर्वाचन आयोग के निर्देश
Transfer Ban on Officials : महाराष्ट्र में 20 जून 2026 से शुरू हुए विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगा दी गई है।
Special Electoral Roll Revision (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Akola Electoral Roll Revision: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। महाराष्ट्र में इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। इसके मद्देनजर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशानुसार मतदाता पंजीकरण अधिकारी ईआरओ, सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी एईआरओ, मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारी बीएलओ, बीएलओ पर्यवेक्षक तथा इस विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम से जुड़े अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के पद रिक्त नहीं रखे जाएंगे। साथ ही आयोग की पूर्व अनुमति के बिना इन अधिकारियों का तबादला नहीं किया जा सकेगा।
20 जून से शुरू हुआ कार्यक्रम
महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 20 जून 2026 से शुरू हो चुका है। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों, मतदाता पंजीकरण अधिकारियों और सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों के नेतृत्व में व्यापक तैयारियां की गई हैं।
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विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान शुरू
कुछ मनपा आयुक्तों और अतिरिक्त आयुक्तों को अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। इनके तबादले भी इस अवधि में नहीं किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य के शिक्षकों, पटवारियों, ग्रामसेवकों तथा अन्य वर्ग3 और उससे ऊपर के कर्मचारियों को बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है।
डिजिटलीकरण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
इन कर्मचारियों को मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाने, भरे हुए प्रपत्रों का संकलन करने तथा उनके डिजिटलीकरण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि बीएलओ या बीएलओ पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किसी भी कर्मचारी का तबादला नहीं किया जाए। यदि किसी कर्मचारी का तबादला पहले ही किया जा चुका है, तो उसकी कार्यवाही विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम पूरा होने तक स्थगित रखी जाए।
