

Maharashtra Transport Department: वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर अनियमितता करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। मोटर वाहन अधिनियम के फॉर्म 38 ए के तहत जारी किए गए फिटनेस प्रमाणपत्रों में सामने आई गंभीर अनियमितताओं की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तत्काल सरकार को सौंपी जाए। साथ ही जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
यह स्पष्ट फरमानी निर्देश परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने परिवहन आयुक्त को दिए हैं। आरटीओ विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों की पृष्ठभूमि में सेवानिवृत्त व कार्यरत अधिकारियों की जांच के लिए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के निर्देश पर मानसून सत्र के दौरान पहले ही एक विशेष जांच दल गठित किया जा चुका है।
इसी तर्ज पर अब फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं के खिलाफ भी परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मोटर वाहन अधिनियम के फॉर्म 38ए के अंतर्गत जारी फिटनेस प्रमाणपत्रों की जांच के लिए 5 मार्च 2026 को सह परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई थी।
समिति की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि फॉर्म 38ए जारी होने के 15 दिनों के भीतर मूल पंजीकरण प्राधिकारी द्वारा फॉर्म 38 जारी करना अनिवार्य होने के बावजूद कई मामलों में 15 दिन की अवधि के बाद प्रमाणपत्र जारी किए गए। इसके अलावा, दूसरे राज्यों के परिवहन कार्यालयों द्वारा फॉर्म 38ए जारी किए जाने के बाद महाराष्ट्र के मूल पंजीकरण प्राधिकारी द्वारा फॉर्म 38 जारी किया जाना अपेक्षित था, लेकिन कुछ मामलों में अन्य परिवहन कार्यालयों ने ही फॉर्म 38 जारी कर दिया।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बाताया की फिटनेस के नाम पर नियमों का उल्लंघन कर नागरिकों की जान से खिलवाड़ करने वाली किसी भी व्यवस्था को बदर्दाश्त नहीं किया जाएगा, सुरक्षित वाहन, पारदर्शी जाय औ जवाबदेह प्रशासन ही परिवहन विभाग की प्राथमिकता है।