Akola News: राज्य सरकार ने विधानमंडल के सत्र के दौरान दोनों सदनों में महाराष्ट्र धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित कर दिया है. इस ऐतिहासिक और सराहनीय निर्णय के लिए हिंदू जनजागृति समिति सहित अकोला के सभी हिंदुत्ववादी संगठनों ने राज्य सरकार का तहे दिल से अभिनंदन किया है. हिंदू समाज पिछले कई वर्षों से इस कानून की मांग कर रहा था.
इस कानून से अब सही मायनों में लाडली बहनों को सुरक्षा मिलेगी, ऐसी भावना व्यक्त की जा रही है. जिले लगातार किया गया था प्रयास यह विधेयक पारित हो, इसके लिए अकोला जिले में हिंदू जनजागृति समिति, हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति, सनातन संस्था और अन्य हिंदुत्ववादी संगठनों की ओर से बड़ा संघर्ष किया गया था. अकोला जिले में 21 फरवरी 2026 को इस संबंध में जिलाधिकारी को विशेष ज्ञापन सौंपा गया था.
साथ ही समयसमय पर जिले के सांसदों और विधायकों को भी ज्ञापन देकर इस कानून को बनाने की पुरजोर मांग की गई थी. न केवल अकोला शहर में, बल्कि बालापुर और मुर्तिजापुर में भी प्रशासन को ज्ञापन देकर जनभावनाओं से अवगत कराया गया था. स्थानीय संगठनों की सक्रिय भागीदारी जिले में होने वाली विभिन्न घटनाओं के संदर्भ में प्रशासन और पुलिस प्रशासन को समयसमय पर ज्ञापनों और आंदोलनों के माध्यम से जागरूक करने का कार्य स्थानीय कार्यकर्ताओं ने किया.
इस अभियान में हिंदू जनजागृति समिति, हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति, सनातन संस्था, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, देशमुख समाज महिला मंडल, अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा और विश्व मांगल्य मिशन सहित सैकड़ों धर्मप्रेमी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई. अब लाडली बहनें होंगी सुरक्षित शिंदे देश भर में हिंदू युवतियों को फंसाकर होने वाला लव जिहाद और आर्थिक प्रलोभन देकर होने वाले धर्मांतरण निश्चित रूप से इस कानून से रुकेंगे.
सरकार ने लाडली बहनों को आर्थिक सुरक्षा कवच तो दिया ही था, अब इस कानून ने उन्हें सही मायने में सुरक्षा प्रदान की है, ऐसी प्रतिक्रिया हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने व्यक्त की.