

Akola Politics: शिवसेना शिंदे गुट की अकोला जिला स्तरीय हाल ही में घोषित नियुक्तियों पर अचानक स्थगन लगाए जाने से जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। नियुक्तियों की घोषणा के एक सप्ताह के भीतर ही उन्हें स्थगित किए जाने के आदेश जारी होने से पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों में आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, शिवसेना के प्रमुख नेता एकनाथ शिंदे के निर्देश पर शिवसेना अकोला जिला विशेष प्रभारी ललित वानखड़े के मार्गदर्शन में 16 जून को अकोला जिले के विभिन्न पदाधिकारियों की नियुक्तियां घोषित की गई थीं। इन नियुक्तियों को मुंबई स्थित पार्टी कार्यालय से अधिकृत रूप से जारी किया गया था। घोषित नियुक्तियों के अनुसार अश्विन नवले को सहसंपर्क प्रमुख नियुक्त किया गया था।
वहीं बालापुर विधानसभा क्षेत्र के लिए पूर्व विधायक नारायण गव्हाणकर, अकोला पश्चिम, अकोला पूर्व और मुर्तिजापुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए चंद्रशेखर पांडे गुरुजी तथा अकोट विधानसभा क्षेत्र के लिए मंगेश काले को जिला प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके अलावा पार्षद उषा विरक को महिला आघाड़ी की जिला प्रमुख नियुक्त किया गया था। पार्टी नेतृत्व का निर्देशहालांकि, नियुक्तियों की घोषणा के कुछ ही दिनों बाद शिवसेना सचिव संजय मोरे द्वारा जारी पत्र में इन सभी नियुक्तियों को स्थगित किए जाने की जानकारी दी गई है।
यह निर्णय भी पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर लिया गया बताया जा रहा है। नियुक्तियों को स्थगित करने के पीछे क्या कारण हैं, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। यही वजह है कि इस निर्णय को लेकर विभिन्न राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। फिलहाल नियुक्तियों पर रोक के आदेश से जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच इस विषय पर व्यापक चर्चा जारी है।