अकोला अतिरिक्त जिलाधिकारी की गिरफ्तारी पूर्व जमानत अर्जी खारिज, न्यायालय ने गंभीरता को देखते हुए राहत न दी
अकोला में अतिरिक्त जिलाधिकारी प्रमोद गायकवाड की गिरफ्तारी पूर्व जमानत अर्जी को न्यायालय ने खारिज कर दिया है। उन पर स्टोन क्रशर व्यावसायिकों से फिरौती मांगने का आरोप है। मामले की जांच जारी है।
Akola Crime: एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में दर्ज गंभीर प्रकरण में अतिरिक्त जिलाधिकारी प्रमोद गायकवाड पर स्टोन क्रशर व्यावसायिकों से फिरौती मांगने का आरोप लगा है. इस मामले में न्यायालय ने गिरफ्तारी पूर्व जमानत अर्जी खारिज कर दी है. आरोप है कि गायकवाड ने एसोसिएशन के प्रत्येक सदस्य से प्रति माह 15 हजार रुपये की मांग की थी. स्टोन क्रशर एसोसिएशन के सदस्य विवेक बिजवे ने 13 अप्रैल 2026 को एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत के अनुसार, 19 मार्च 2026 को गायकवाड ने फोन पर धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो स्टोन क्रशर का काम अवैध घोषित कर बंद कर दिया जाएगा. उसी दिन शिकायतकर्ता ने उनके निवास पर जाकर 15 हजार रुपये नकद दिए जाने का आरोप लगाया है. इसके बाद भी अन्य सदस्यों ने पैसे न देने पर नायब तहसीलदारों के माध्यम से कुछ स्थानों पर माप व जांच की कार्रवाई की गई.
1 अप्रैल को फिर फोन कर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई. सरकारी पक्ष ने न्यायालय में दलील दी कि यह गंभीर अपराध है और जांच के लिए आरोपी की कस्टडी आवश्यक है. जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताया. मगर न्यायालय ने आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए गिरफ्तारी पूर्व जमानत अर्जी खारिज कर दी है. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है.
