अकोला जिले में 1750 सार्वजनिक गणेश मंडलों ने की स्थापना, 356 जगहों पर ‘एक गांव -एक गणपति’
गणेशोत्सव के पावन पर्व पर इस साल एक गांव एक गणपति संकल्पना के अंतर्गत एक ही गणपति भगवान की मूर्ति स्थापित की है। इस साल भक्तों ने भी पूरी तैयारी कर ली है। ये सिर्फ आस्था का प्रतीक है।
- Written By: अपूर्वा नायक
अकोला न्यूज
Akola News In Hindi: गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर जिले में इस वर्ष गणेशोत्सव बड़े उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। बुधवार, 27 अगस्त से शुरू हुए दस दिवसीय उत्सव में जिलेभर में 1,750 सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों द्वारा गणराय की स्थापना की गई है। इसके साथ ही 356 गांवों में ‘एक गांव एक गणपति’ संकल्पना के तहत सामूहिक रूप से एक ही गणेश मूर्ति की स्थापना की गई है।
जिले में गणेशोत्सव की समृद्ध परंपरा है, जहां घर-घर में डेढ़ ते दस दिन तक गणराय विराजमान रहते हैं। इस वर्ष भी भक्तों ने महीनों पहले से तैयारियां शुरू की थीं। बाजारों में रंग-बिरंगी सजावट, विद्युत रोशनी, आकर्षक मखर और विविध प्रकार की मूर्तियों की बिक्री जोरों पर रही। नागरिकों ने सजावट और मूर्ति खरीदारी में विशेष रुचि दिखाई।
‘एक गांव एक गणपति’ उपक्रम के माध्यम से गांवों में एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया जा रहा है। इस संकल्पना के तहत अलग-अलग मंडलों द्वारा स्थापना करने के बजाय पूरा गांव एकत्रित होकर एक ही गणेश मूर्ति की स्थापना करता है। इससे अनावश्यक खर्च में कटौती होती है और पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला पुलिस प्रशासन ने कड़ा बंदोबस्त किया है, ताकि उत्सव शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
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उपविभागवार सार्वजनिक गणेश मंडलों की संख्या
उपविभाग मंडलों की संख्या
अकोला 438
अकोट 490
बालापुर 343
मुर्तिजापुर 479
कुल 1,750
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इस वर्ष का गणेशोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का भी सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया है।
