नई और रचनात्मक सोच सफलता की कुंजी, जीएचआरयूए में ऑउट ऑफ बॉक्स थिंकिंग विषय पर व्याख्यानमाला
जीएचआरयूए में डॉ. श्रीवास्तव ने ऑउट ऑफ बॉक्स थिंकिंग पर व्याख्यान दिया, नई सोच को सफलता की कुंजी बताया।
Amravati News: वीएनआईटी के फाइनेंशियल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. सतीश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि जीवन में समस्याओं का सामना मजबूती से करना चाहिए. इसके लिए जरूरी है कि हमेशा कुछ नया और रचनात्मक सोचा जाए. यही वह कुंजी है जो आपको हर मुश्किल हालात से लड़ने में सहायता करेगी. तनाव, अवसाद और निराशा से बचाएगी, साथ ही भविष्य में अपनी अनोखी पहचान बनाने में मददगार साबित होगी.
जीएच रायसोनी यूनिवर्सिटी में सदा ज्ञान व्याख्यानमाला के अंतर्गत ऑउट ऑफ बॉक्स थिंकिंग विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया था. डॉ. श्रीवास्तव मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. विनायक देशपांडे ने की. इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. स्नेहिल जायस्वाल, विद्यार्थी कल्याण विभाग के अधिष्ठाता डॉ. प्रशांत अवचट मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
जीवन में प्रगति के लिए नए विचारों को खोजे
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि जीवन में प्रगति करने के लिए जरूरी है कि नए विषय व नवाचार, नए विचारों को खोजे और उन पर अपना ध्यान केंद्रित करे. जो आउट ऑफ द बॉक्स यानी एक सीमित दायरे से बाहर निकल कर सोचे जाने पर ही संभव है. विचार आपके अपने और स्वतंत्र हो. उसमें किसी तरह की कोई दुविधा या संदिग्धता नहीं हो. विचारों को गंभीरता से अमल में लाए.
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कई बार देखा गया है कि युवा कुछ नया करने का तय करते हैं. किंतु उनके अपने विचार स्वतंत्र नहीं होने से वे आगे जाकर दुविधा में फंस जाते है. जिससे उन्हें इच्छित परिणाम नहीं मिलता. लक्ष्य हासिल नहीं होने से वे अवसाद और निराशा से घिर जाते है. उनमें हर वक्त तनाव की स्थिति बनी रहती है. वे चाहकर भी आगे कुछ करने की हिम्मत नहीं कर पाते है. ऐसा नहीं हो इसके लिए जरूरी है कि हमेशा ऑउट ऑफ बॉक्स थिंकिंग रखे.
आभार प्रदर्शन कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. प्रकाश नारायण ने किया. सफल आयोजन सचिन देशपांडे, कुनाल बोरकर और अश्विनी राठी ने विशेष प्रयास किए.
