नाबालिग से दुष्कर्म कर गर्भवती वाले आरोपी की जमानत अर्जी खारिज, न्यायालय का फैसला
तेल्हारा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 16 वर्षीय पीड़िता के साथ दुष्कर्म के आरोपी शिवम फाटे की जमानत अर्जी को न्यायालय ने खान्यायालय ने पीड़िता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया।रिज कर दिया।
Akola News: तेल्हारा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के प्रकरण में दर्ज गंभीर अपराध के आरोपी शिवम फाटे 24, निवासी साई नगर, तेल्हारा द्वारा दाखिल जमानत अर्जी को अतिरिक्त जिला एवं विशेष सत्र न्यायाधीश आर.आर. पटारे ने नामंजूर कर दिया.
आरोपी पर आरोप है कि उसने 16 वर्षीय पीड़िता से पहचान बनाकर जबरन बार-बार यौन शोषण किया और उसे गर्भवती कर दिया. पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने पहले 2022 में दत्त जयंती के दिन उसके घर में घुसकर जबरन दुष्कर्म किया और धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो उसे जान से मार देगा.
इसके बाद आरोपी ने कई बार अलग-अलग स्थानों पर पीड़िता को जबरन ले जाकर यौन शोषण किया. वर्तमान में पीड़िता दो माह की गर्भवती है. सरकारी वकील अजीत देशमुख ने न्यायालय में कहा कि आरोपपत्र में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं.
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पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और गवाहों की गवाही से स्पष्ट है कि आरोपी ने घृणित अपराध किया है. यदि आरोपी को जमानत दी जाती है तो पीड़िता के जीवन को खतरा हो सकता है और वह गवाहों पर दबाव डाल सकता है.
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के मामलों में नाबालिग छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाकर यौन शोषण की घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए आरोपी को जेल में रखकर ही मुकदमा चलाया जाना चाहिए.
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने माना कि अपराध अत्यंत गंभीर है और आरोपी को जमानत देने से पीड़िता की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि इस अपराध के लिए न्यूनतम 20 वर्ष की सजा या आजीवन कारावास का प्रावधान है. अतः आरोपी शिवम फाटे की जमानत अर्जी न्यायालय ने नामंजूर कर दी.
