अकोला में अवैध गर्भपात किट बेचने वाले रैकेट का पर्दाफाश: LCB और FDA की संयुक्त कार्रवाई, एक गिरफ्तार
Akola Illegal Abortion Pills: अकोला में एलसीबी और खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में गर्भपात की दवाओं की कथित अवैध बिक्री करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
- Written By: अंकिता पटेल
अकोला, गर्भपात दवा, अवैध बिक्री, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Akola Illegal Abortion Pills LCB Raid: अकोला शहर के मच्छींद्र नगर, छोटी उमरी क्षेत्र में गर्भपात के लिए उपयोग की जाने वाली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान बिना वैध लाइसेंस रखी गई गर्भपात संबंधी दवाओं का जखीरा जब्त किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन के बिना प्रतिबंधित दवाएं बेच रहा था और उनसे अधिक कीमत भी वसूल रहा था।
गुप्त सूचना के आधार पर घर में मारा छापा
एफडीए और एलसीबी को गोपनीय सूचना मिली थी कि मच्छींद्र नगर निवासी हरिदास डामरे डॉक्टर के वैध प्रिस्क्रिप्शन के बिना गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की किट लोगों को बेच रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक के मार्गदर्शन में एलसीबी के पुलिस निरीक्षक नितिन लेव्हरकर तथा एफडीए के सहायक आयुक्त डॉ. अनिल माणिकराव के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने आरोपी के घर पर छापा मारा।
गर्भपात की दवाओं का जखीरा बरामद
तलाशी के दौरान टीम को घर से टींपील किट और गेस्टाप्रो टैबलेट्स सहित गर्भपात में उपयोग होने वाली कई दवाएं मिलीं। जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपी के पास इन दवाओं की खरीद, भंडारण और बिक्री के लिए कोई वैध लाइसेंस नहीं था। अधिकारियों ने मौके से करीब 4,914 रुपये मूल्य की दवाएं जब्त कर लीं।
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प्रिस्क्रिप्शन के बिना बेच रहा था दवाएं
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी इन दवाओं को जरूरतमंद लोगों को निर्धारित कीमत से अधिक दर पर बेचता था। नियमों के अनुसार गर्भपात में उपयोग होने वाली ऐसी दवाओं की बिक्री केवल पंजीकृत चिकित्सक के वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही की जा सकती है। बिना लाइसेंस और बिना चिकित्सकीय पर्चे के इन दवाओं की बिक्री औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम का गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी. चंद्रकांत रेड्डी, पुलिस निरीक्षक नितिन लेव्हरकर, एफडीए के सहायक आयुक्त डॉ. अनिल माणिकराव, उपनिरीक्षक माजिद पठान तथा पुलिसकर्मी फिरोज खान, विलास बंकावार, संदीप तावड़े, वसीमोद्दीन, तुलसा दुबे और प्रकाश लोखंडे की संयुक्त टीम ने अंजाम दी। मामले में आगे की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी यह दवाएं कहां से खरीदता था तथा किन-किन लोगों को बेचता था।
