महानगर अध्यक्ष रफीक सिद्दीकी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि ई-केवाईसी, आधार लिंकिंग, बैंक खाते से जुड़ी तकनीकी समस्याओं या दस्तावेजों में मामूली खामियों के कारण पात्र महिलाओं को योजना के लाभ से वंचित करना अन्यायपूर्ण है। महिलाओं ने सरकार पर विश्वास कर आवेदन किया, सरकार ने उनके आवेदन स्वीकार किए और अब उन्हीं महिलाओं को अपात्र घोषित किया जा रहा है, जिससे लाखों महिलाओं में भ्रम, नाराजगी और सरकार के प्रति सवाल पैदा हो रहे हैं।