कपास बीज की मांग में बड़ी वृद्धि, अकोला जिले में खरीप हेतु 7.25 लाख पैकेटों का नियोजन
अकोला जिला प्रशासन ने कपास बीज की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि की है। खरीप सीजन के लिए 7.25 लाख पैकेट बीज की योजना बनाई गई है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3.75 लाख पैकेट अधिक है।
Akola News: पिछले खरीप सीजन में कपास बीज की कमी और किसानों को हुई परेशानी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष अकोला जिला प्रशासन ने कपास बीज की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि की है. आगामी खरीप सीजन के लिए जिले में 1 लाख 45 हजार हेक्टर क्षेत्र कपास के लिए प्रस्तावित है. प्रति हेक्टर 5 पैकेट के हिसाब से 7 लाख 25 हजार बीटी कपास बीज पैकेटों की मांग दर्ज की गई है.
यह मांग पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 75 हजार पैकेट अधिक है, ताकि किसानों को बीज के लिए लंबी कतारों में खड़ा न होना पड़े और न ही उन्हें कालाबाजारी का सामना करना पड़े. जिलाधिकारी वर्षा मीणा की अध्यक्षता में हुई खरीप जायजा बैठक में यह नियोजन स्पष्ट किया गया. वर्ष 2025 में जिले में 4 लाख 31 हजार 884 हेक्टर पर बुवाई हुई थी, जबकि इस वर्ष 4 लाख 37 हजार 100 हेक्टर क्षेत्र पर खरीप बुवाई का प्रस्ताव है.
यानी पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 7 हजार हेक्टर की वृद्धि हुई है. इसमें सर्वाधिक क्षेत्र सोयाबीन और संकरित कपास का है. गड़बड़ी करनेवालों पर कड़ी कार्रवाई जिलाधिकारी वर्षा मीणा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बीज और खाद की बिक्री में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बीज की गुणवत्ता जांचने और जमाखोरी रोकने के लिए कृषि विभाग को तुरंत भरारी पथक सक्रिय करने के आदेश दिए गए.
सम्बंधित ख़बरें
अवैध खनन पर नकेल: अब कलेक्टर से लेनी होगी मंजूरी, स्टोन क्रशर और अवैध उत्खनन पर राज्य सरकार सख्त
मछुआरों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना, समय पर कर्ज चुकाने पर मिलेगी डबल ब्याज सवलियत
रेल इंजन पर रील्स बनाना पड़ा महंगा, मुर्तिजापुर निवासी रील क्रिएटर को न्यायालय ने सुनाई सजा
समृद्धि महामार्ग पर स्कॉर्पियो दुर्घटना, टायर फटने से गाड़ी पलटी, पांच लोग घायल
साथ ही नकली बीज या खाद बेचने वाले केंद्रों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. खाद और सोयाबीन बीज उपलब्धता कृषि विभाग ने जिले के लिए 1 लाख 7 हजार 482 क्विंटल सोयाबीन बीज की मांग की है. वहीं, जिले को मंजूर खाद भंडार में से 41 हजार 905 मीट्रिक टन खाद वर्तमान में उपलब्ध है. खरीप सीजन अब महज एक महीने दूर है और किसानों ने खेतों की मशक्कत शुरू कर दी है. मानसूनपूर्व बारिश होने पर बुवाई पूर्व कार्यों में और तेजी आने की संभावना है.
