अकोला. जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के चुनाव में जि.प. अध्यक्ष पद पर संगीता अढाऊ तथा उपाध्यक्ष पद पर सुनील फाटकर का चयन किया गया है. जिससे वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एड.प्रकाश आम्बेडकर के मार्गदर्शन में वंचित बहुजन आघाड़ी फिर से सत्ता में आयी है.
इस चुनाव में भाजपा की तटस्थ भूमिका के कारण वंचित बहुजन आघाड़ी फिर सत्ता में आ गयी है. संगीता अढाऊ का जिला परिषद अध्यक्ष और सुनील फाटकर उपाध्यक्ष पद पर चयन किया गया. जिला परिषद में वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एड.प्रकाश आम्बेडकर ने एक बार फिर अपना प्रभाव सिद्ध कर दिया है. जिला परिषद अध्यक्ष पद का आरक्षण सामान्य महिला के लिए आरक्षित था. सन 2020 में हुए चुनावों में वंचित बहुजन आघाड़ी ने अपने दम पर लड़कर सबसे अधिक 23 सीटें (एक पुरस्कृत सहित) जीतीं थी.
इसी तरह शिवसेना ने 13, भाजपा 7, कांग्रेस 4, राकां 3 तथा तीन निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी. लेकिन ओबीसी आरक्षण खत्म होने के कारण पिछले साल 14 सीटों पर चुनाव हुए थे. वर्तमान में जिला परिषद में 53 सदस्य हैं जिसमें ‘वंचित’ के सर्वाधिक 25 सदस्य हैं.
इस बीच अकोला जिला परिषद का अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद वंचित के पास गया है. मविआ की ओर से अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद के लिए किरण अवताड़े, सम्राट डोंगरदिवे चुनाव मैदान में थे. इन दोनों उम्मीदवारों को 23-23 वोट मिले हैं. जबकि दोनों वंचित के विजयी प्रत्याशी को 25-25 वोट मिले.
53 सदस्यीय जिला परिषद में सत्ता स्थापित करने के लिए 27 सदस्यों के संख्या बल की आवश्यकता होती है. उनमें से, वंचित बहुजन आघाड़ी सदस्यों की संख्या सबसे अधिक है, वंचित बहुजन आघाड़ी के पास 25 सदस्य हैं, लेकिन बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए इसे दो और सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता थी. साथ ही, 23 सदस्यीय महाविकास आघाड़ी को चार और सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता थी. हालांकि, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा के नदारद रहने से वंचित बहुजन आघाड़ी को फायदा हुआ और वंचित के अध्यक्ष पद के लिए संगीता अढाऊ ने जीत हासिल की और उपाध्यक्ष पद के लिए सुनील फाटकर ने चुनाव जीता.
वर्तमान में वंचित बहुजन आघाड़ी के पास 6 में से 4 पद हैं. इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और दो सभापति शामिल हैं. इसके साथ ही महा विकास आघाड़ी के पास (प्रहार और निर्दलीय) दो सभापति पद हैं. इसलिए, दोनों ओर सत्तारूढ़ और विपक्ष की एक निश्चित स्थिति थी. इस बीच, प्रकाश आम्बेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी 2019 के लोकसभा चुनावों और उसके बाद के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बहुत अधिक प्रभाव डालने में विफल रही, लेकिन अकोला जिला परिषद में वंचित के परिणाम के कारण वंचित बहुजन आघाड़ी अकोला जिला परिषद में वर्चस्व कायम रखा है.
वंचित बहुजन आघाडी : 25
उद्धव ठाकरे(शिवसेना) : 12
भाजपा : 05
कांग्रेस : 04
राकां : 04
प्रहार : 01
निर्दलीय : 02
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कुल सदस्य : 53