Akola News: पातुर नगर परिषद पातुर क्षेत्र की झोपड़पट्टी क्र.2 में स्थित शासकीय भूमि पर किए गए अवैध निर्माण के मामले में अंततः पूर्व पार्षद जगदीश खंडारे के निरंतर प्रयास सफल रहे हैं. नगर परिषद प्रशासन ने 20 मार्च को जारी आदेश में उक्त निर्माण को तत्काल रोकने तथा आवश्यकता पड़ने पर ध्वस्त करने का निर्देश दिया है.
नगर परिषद पातुर के मुख्याधिकारी द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि संबंधित संपत्ति नगर परिषद की सरकारी भूमि है और उस पर किया गया निर्माण पूरी तरह अवैध एवं नियमों के विरुद्ध है. विशेष बात यह है कि प्रशासन ने स्वयं ही निर्माण को अवैध माना है.
हालांकि, यदि पूर्व पार्षद जगदीश खंडारे ने लगातार शिकायतें और फॉलोअप नहीं किया होता, तो नगर परिषद की यह मूल्यवान संपत्ति कब्जे में चली जाती, ऐसी चर्चा शहर में जोर पकड़ रही है. खंडारे ने इस मामले में 22 जनवरी 2026 से लगातार लिखित शिकायतें, रिमाइंडर और फॉलोअप कर प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर किया.
उनके प्रयासों के चलते नगर परिषद ने अंततः आदेश जारी कर अवैध निर्माण पर रोक लगाई. इस पूरे प्रकरण से पातुर शहर में हलचल मच गई है. सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए पहल करने वाले पूर्व पार्षद जगदीश खंडारे की नागरिकों द्वारा सराहना की जा रही है.