अतिरिक्त जिलाधिकारी गायकवाड की विभागीय जांच, रिश्वत लेने का आरोप
गायकवाड पर 15,000 रु. रिश्वत मांगने का आरोप, विभागीय जांच शुरू। निलंबन के बाद कार्रवाई, खनन उद्योग को बंद करने की धमकी दी गई।
Akola News: अतिरिक्त जिलाधिकारी प्रमोद गायकवाड पर फिरौती और रिश्वत लेने के मामले में विभागीय जांच शुरू होने जा रही है. कुछ दिन पहले ही उन्हें निलंबित किया गया था. यह कार्रवाई एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के आधार पर की गई है. स्टोन क्रशर उद्योजक संघ के कार्याध्यक्ष विवेक बिजवे ने पुलिस को शिकायत दी थी कि गायकवाड ने उनसे 15,000 रु. की मांग की और संघ के अन्य सदस्यों से प्रति माह 5,000 रु. देने को कहा.
पैसे न देने पर खनन और क्रशर उद्योग को अवैध घोषित कर बंद करने की धमकी दी गई. शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने गायकवाड को 15,000 रु. उनके सरकारी निवास पर दिए थे. इसके बाद भी उन्होंने अन्य सदस्यों से 15,000 रु. और देने की मांग की.
इस दौरान उद्योजक ने अधिकारियों की बातचीत की ऑडियो क्लिप भी पुलिस को सौंपी थी. पुलिस ने 14 अप्रैल को मामला दर्ज किया, जिसके बाद राजस्व और वन विभाग ने गायकवाड को निलंबित कर दिया. कर्तव्य में लापरवाही का आरोप निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि गायकवाड पर एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है और उन्होंने अपने कर्तव्यों में गंभीर लापरवाही की है. उनकी कार्रवाई महाराष्ट्र नागरी सेवा नियम 1979 के नियम 3 सहित अन्य नियमों का उल्लंघन करती है. इसी कारण उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई है.
