न्यायालय ने की आरोपी की जमानत अर्जी नामंजूर, प्राणघातक हमला प्रकरण
अकोट तहसील में हुए प्राणघातक हमले के मामले में आरोपी बजरंग पाथ्रीकर की जमानत अर्जी को अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश आर.आर. पटारे ने नामंजूर कर दिया है।
Akola News: तेल्हारा तहसील में हुए मारपीट प्रकरण में प्राणघातक हमला करने वाले आरोपी बजरंग पाथ्रीकर 33, निवासी पाथर्डी, जिला अकोला की जमानत अर्जी अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश तथा विशेष न्यायाधीश आर.आर. पटारे की अदालत ने नामंजूर कर दी.
आरोपी पर आरोप है कि उसने कुल्हाड़ी और चाकू से वार कर शिकायतकर्ता के पुत्र परमेश्वर पाथ्रीकर को गंभीर रूप से घायल किया. 12 अगस्त 2024 को दोपहर में परमेश्वर पाथ्रीकर खेत से लौटते समय शंकर पाथ्रीकर से विवाद में उलझा. उसी दौरान बजरंग पाथ्रीकर कुल्हाड़ी और चाकू लेकर वहां पहुंचा और जान से मारने की धमकी देते हुए परमेश्वर पर वार किया.
हमले में उसके गले और पेट पर गंभीर चोटें आईं. बीचबचाव करने पर शिकायतकर्ता भी घायल हुआ. गोकुल पाथ्रीकर और कुसुम पाथ्रीकर ने भी मारपीट की. घायल को ग्रामीण अस्पताल तेल्हारा और बाद में अकोला के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. सरकारी वकील अजीत देशमुख ने न्यायालय में कहा कि आरोपी मुख्य अपराधी है और दोषारोपपत्र में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं.
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यदि उसे जमानत दी जाती है तो वह शिकायतकर्ता और गवाहों पर दबाव डाल सकता है तथा न्यायिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर सकता है. आरोपी और शिकायतकर्ता एक ही गांव में रहते हैं, जिससे पुनः विवाद और गंभीर अपराध की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने माना कि अपराध गंभीर स्वरूप का है और आरोपी को जमानत देने से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. इसलिए आरोपी बजरंग पाथ्रीकर की जमानत अर्जी नामंजूर की गयी.
