मकर संक्रांति से पहले अकोला के बाजारों में सजी पतंगों की रंगीन दुनिया, बच्चों में खास उत्साह,14 को त्योहार
Akola News: मकर संक्रांति नजदीक आते ही अकोला के बाजारों में रंग-बिरंगी पतंगों की रौनक बढ़ गई है। कार्टून पतंगें बच्चों को लुभा रही हैं, वहीं दुकानदार सुरक्षित सूती मांजे पर जोर दे रहे हैं।
- Written By: रूपम सिंह
अकोला मकर संक्रांति (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Akola Makar Sankranti News: अकोला मकर संक्रांति का पर्व नजदीक आते ही शहर के बाजारों में पतंगों की दुनिया सज गई है। पतंग उड़ाने का शौक बच्चों से लेकर बड़ों तक हर किसी को है और यही वजह है कि दूकानों पर रंग-बिरंगी पतंगों की भरमार देखने को मिल रही है। बाजार में छोटे-बड़े आकार की पतंगें सजी हैं, जो हर किसी का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।
बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली पतंगें खास आकर्षण बनी हुई हैं। स्पाइडरमैन, सुपरमैन, डोरेमोन और चाचा चौधरी जैसे लोकप्रिय पात्रों की तस्वीरों वाली पतंगें बच्चों को खूब पसंद आ रही हैं। इसके अलावा उड़ान के दौरान रंग बदलने वाली पतंगें भी बच्चों के लिए नया रोमांच लेकर आई हैं। वहीं बड़ों के लिए मजबूत और टिकाऊ पतंगें उपलब्ध हैं, जो हवा में लंबे समय तक टिक सकें।
सादी और एकल रंगों की पतंगें ऊंची उड़ान भरने के लिए खरीदी जा रही हैं, जबकि टेढ़ी-मेढ़ी डिजाइन वाली पतंगें भी लोगों की पसंद बन रही हैं। स्थानीय पतंग बनाने वाले कारीगरों ने इस बार गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया है। कागज की मजबूती और बांस की लकड़ी के फ्रेम का उपयोग कर पतंगों को और टिकाऊ बनाया गया है। कारीगरों का कहना है कि इस बार बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी हुई है और लोग बड़ी संख्या में पतंगें खरीदने आ रहे हैं।
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पतंगबाजी के साथ सुरक्षित सूती मांजा अपनाने की अपील
पतंगबाजी जितनी मजेदार है, उतनी ही इसमें सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। दूकानदार ग्राहकों को सुरक्षित सूती मांजा खरीदने की सलाह दे रहे हैं। यह मांजा खासतौर से डिजाइन किया गया है ताकि उड़ान के दौरान किसी को चोट न लगे। कई बार हादसे होने के कारण सुरक्षित मांजे का उपयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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पतंगों की कीमत 10 से 500 रुपये तक
कीमतों की बात करें तो छोटी पतंगे 10 से 50 रुपये तक उपलब्ध है, जबकि बड़ी पतंगों की कीमत 100 से 500 रुपये तक है। त्योहारी सीजन को देखते हुए कई दूकानदार विशेष ऑफर और डिस्काउंट भी दे रहे हैं, जिससे खरीदारी का उत्साह और बढ़ गया है।
बच्चों और युवाओं में बहुत उत्साह
त्योहार के इस मौसम में छतों पर पतंगें उड़ाने का दृश्य बेहद आकर्षक होता है। बच्चे और युवा पतंगबाजी को लेकर उत्साहित हैं और शहर के हर कोने में पतंगों की उड़ान से माहौल में उत्साह और जोश भर गया है। पतंगबाजी का यह रंगीन पर्व सभी के जीवन में खुशियों के रंग भर रहा है।
स्थानीय दूकानदारों का पक्ष
- स्थानीय एक पतंग विक्रेता से पूछने पर उन्होंने बताया कि उनके यहां नायलॉन मांजा या प्लास्टिक पन्नी से बनी पतंगें, जो प्रतिबंधित हैं, नहीं बेची जातीं।
- केवल कागज से बनी पतंगें ही उपलब्ध हैं। उनके स्टोर पर विभिन्न डिजाइन और आकार की पतंगें 8 रुपये से लेकर 400 रुपये तक मिलती हैं।
- मांजे की रील 30 रुपये से लेकर 450 रुपये तक उपलब्ध है। इसके अलावा पूजा में उपयोग होने वाली छोटी ‘बिस्कुट साइज’ पतंगें भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं।
