Akola News: निकाय चुनावों की हलचल हुई तेज, सभी दलों ने कसी कमर, बना रहे चुनावी रणनीति

Local Boody Election: अकोला जिले में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
निकाय चुनावों की हलचल हुई तेज
निकाय चुनावों की हलचल हुई तेज (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Akola News: अकोला जिले में जिला परिषद, पंचायत समिति और महानगरपालिका चुनावों की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। बड़े दलों द्वारा बैठकों और संगठनात्मक मोर्चों की योजना बनाई जा रही है, वहीं इच्छुक उम्मीदवार त्यौहार-उत्सवों के अवसर पर जनसंपर्क को प्राथमिकता दे रहे हैं। सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों में सक्रिय भागीदारी और सामाजिक उपक्रमों के आयोजन के माध्यम से उम्मीदवार जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

हाल ही में विभागीय आयुक्त द्वारा जिला परिषद और पंचायत समिति की प्रभाग रचना को मंजूरी दी गई है। गट और गण तय हो चुके हैं, और जल्द ही आरक्षण की घोषणा भी अपेक्षित है। मनपा की प्रभाग रचना 13 अक्टूबर तक घोषित होने की संभावना है। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव दिवाली के बाद, जबकि मनपा चुनाव नए वर्ष में हो सकते हैं। अकोला मनपा का पिछला चुनाव वर्ष 2017 में हुआ था, और 2022 से अब तक प्रशासनिक शासन लागू है। आगामी चुनाव 2017 की प्रभाग रचना के आधार पर ही हो सकते हैं।

समाजोपयोगी गतिविधियों के माध्यम से चुनावी अभियान को गति

भाजपा ने अकोला मनपा में सत्ता पुनः प्राप्त करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। संगठनात्मक बैठकों, बूथ प्रमुखों की नियुक्ति, विभिन्न मोर्चों की बैठकें और समाजोपयोगी गतिविधियों के माध्यम से चुनावी अभियान को गति दी जा रही है। सन 2017 में भाजपा ने मनपा में एकतरफा जीत दर्ज की थी, और इस बार भी बहुमत पाने के लिए पार्टी सक्रिय है। इसी बीच राकांपा अजीत पवार गुट और शिवसेना शिंदे गुट ने भी चुनावी संभावनाओं की टोह लेना शुरू कर दिया है। महायुति के अंतर्गत चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है, लेकिन तीनों दलों ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी भी दर्शाई है। महाविकास आघाड़ी में शामिल कांग्रेस, शिवसेना ठाकरे गुट और राकांपा शरद पवार गुट भी मैदान में उतर चुके हैं।

कांग्रेस में लौटी ऊर्जा

सन 2017 में भाजपा की एकतरफा जीत के बाद कांग्रेस लगभग निष्क्रिय हो गई थी। लेकिन अकोला पश्चिम से विधायक बने साजिद खान पठान ने पार्टी को नई संजीवनी दी है। सामाजिक उपक्रमों में सक्रिय भागीदारी और जनसामान्य के मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाकर उन्होंने जनता के बीच अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है। वहीं ठाकरे गुट भी उत्सवों के दौरान विविध कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी सक्रियता बढ़ा रहा है।

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