निकाय चुनाव से पहले पुणे पुलिस अपराधियों की कसेगी नकेल, मकोका और तड़ीपार के अंतर्गत कार्रवाई हुई तेज

आने वाले कुछ ही महीनों में महाराष्ट्र के पुणे में स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियां शुरू होने वाली हैं। इसी सिलसिले में पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने शहर के कई अपराधियों के खिलाफ एक्शन शुरू कर दिया है।
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पुणे न्यूज (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को शांतिपूर्ण, भयमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने व्यापक सर्च ऑपरेशन और प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों की शुरुआत कर दी है।

पुलिस महानिदेशक कार्यालय के परिपत्र के अनुसार, दो से अधिक अपराध वाले अपराधियों, गैंग सरगनाओं और संदिग्ध व्यक्तियों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत तड़ीपार, स्थानबद्ध और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) जैसी धाराओं का उपयोग तेज कर दिया गया है।

विशेष सुरक्षा रणनीति तैयार

चुनाव की पृष्ठभूमि पर पुलिस ने विशेष सुरक्षा रणनीति तैयार की है। मतदान केंद्रों, उम्मीदवारों के कार्यालयों, विवादित इलाकों और सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बंदोबस्त रहेगा। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां फुट पेट्रोलिंग, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और ड्रोन निगरानी की जा रही है। संदेहास्पद गतिविधियां, जातीय तनाव या सांप्रदायिक भड़काव की घटनाएं सामने आने पर तत्काल अपराध दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि अवैध शराब वितरण, पैसे या सामान का बंटवारा और मतदाताओं को धमकाने जैसी गतिविधियों की तुरंत सूचना दें।

वारंट-समन्स पर अमल तेज

चुनाव के दौरान लंबित मामलों की आड़ में अपराधी न्यायालयीन प्रक्रिया से न बच पाएं, इसके लिए वारंट और समन्स लंबित मामलों पर तेजी से अमल किया जा रहा है। अदालतों और प्राधिकरणों से जारी आदेशों को तुरंत निपटाने का अभियान शुरू हुआ है। इससे पुराने मामलों की कानूनी प्रक्रिया भी गति पकड़ेगी।

चुनाव से पहले बदमाशों पर लगाम

मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए अवैध शराब बिक्री और वितरण पर पुलिस ने कड़ा शिकंजा कस दिया है। महाराष्ट्र दारूबंदी अधिनियम, 1949 के तहत मतदान से एक दिन पहले, मतदान के दिन और मतगणना के दिन शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। अवैध बिक्री, जमाखोरी और परिवहन रोकने के लिए छापेमारी और नाकाबंदी बढ़ा दी गई है। लाइसेंसधारक प्रतिष्ठानों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इस बार मतदाताओं तक शराब न पहुंचे, इसके लिए विशेष दल गठित किए गए हैं। पिछले चुनावों में दर्ज अपराध और शिकायतों की जांच फिर से तेज कर दी गई है। जांच पूरी कर शीघ्र चार्जशीट दाखिल करने के आदेश अधिकारियों को दिए गए हैं ताकि पुराने चुनाव अपराधों की पुनरावृत्ति पर अंकुश लगे।

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