अकोट में जल संकट गहराया: 7 दिन में सुधार नहीं तो 1 अप्रैल से गागर मोर्चा और आमरण अनशन की चेतावनी

Akot Water crisis News: अकोट के प्रभाग 1 में पानी की किल्लत से नाराज नागरिकों ने मजीप्रा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षद रेश्मा परवीन ने 1 अप्रैल से आमरण अनशन और आंदोलन की चेतावनी दी है।
Akot faces a severe water crisis in Ward 1. Corporator Reshma Parveen has threatened an agitation and hunger strike from April 1 against Maharashtra Jeevan Pradhikaran
जल संकट (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Akola District News: अकोट शहर के प्रभाग क्रमांक 1 में पानी आपूर्ति का प्रश्न अब गंभीर रूप ले चुका है। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (मजीप्रा) के अव्यवस्थित और भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली के विरोध में नागरिकों में तीव्र आक्रोश उत्पन्न हुआ है। पार्षद रेश्मा परवीन ने प्रशासन को निवेदन देकर स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों में पानी आपूर्ति सुचारु नहीं की गई, तो 1 अप्रैल से कार्यालय पर गागर मोर्चा निकालकर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।

निवेदन में कहा गया है कि शहर के अन्य प्रभागों को हर तीसरे दिन पर्याप्त पानी मिल रहा है, जबकि प्रभाग 1 में केवल सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही पानी दिया जाता है। सिंधी कैंप, पोपटखेड रोड, हरी कॉलनी, शाहीन कॉलनी, बाबा रामदेव नगर और अमीनपुरा जैसे विस्तृत क्षेत्रों में इतनी कम अवधि में पानी उपलब्ध कराना असंभव है। नागरिक पिछले चार वर्षों से पानी के लिए भटक रहे हैं।

वर्ष 2024 में प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति आज भी जस की तस है। इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए जिलाधिकारी वर्षों मीणा, विधायक प्रकाश भारसाकले और पुलिस प्रशासन को भी निवेदन की प्रतियां सौंपी गई हैं। नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने पर भी अधिकारी केवल टालमटोल जवाब देते हैं। अब नागरिक आंदोलन की तैयारी में हैं।

नागरिकों का इशारा, प्रशासन ही होगा जिम्मेदार

अकोट नागरिकों ने स्पष्ट कहा है कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति के लिए प्रशासन ही जिम्मेदार होगा। पुलिस ने अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है। वर्तमान में गाडगे नगर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया है।

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