अकोट शहर में जगह-जगह गड्ढों का साम्राज्य, कौन समझेगा नागरिकों की परेशानी?

25 thousand potholes still on the roads of Mumbai!
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अकोट. जनप्रतिनिधियों को शहर के नागरिकों की बुनियादी जरूरतों से कोई भी लेना देना नहीं है. शहर की सभी सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं और नगर परिषद प्रशासन इन पर छोटे-छोटे पैच लगाने की भी दरियादिली नहीं दिखा रहा है. इस बात से नागरिको में आक्रोश हैं. 

इस गड्ढों की समस्या से अकोट की जनता त्रस्त है. और अकोटकर गुस्से से सवाल पूछ रहे हैं कि संबंधित विभाग लोगों के संयम का और कितने दिन इंतजार करेगा. शहर की हर गली में गड्ढे हैं. नगर परिषद को हर साल सड़क निर्माण के लिए अनुदान मिलता है. लेकिन इस अनुदान से सड़क का विकास नहीं हो पाया है. लेकिन ठेकेदारों का काफी विकास हुआ है.

ऐसी नागरिकों में चर्चा है. आज कुछ ही महीनों में नप के चुनाव आ गए हैं. लेकिन शहर के विकास की तस्वीर नहीं बदली है. इससे भी खास बात यह है कि विधायक चून कर आने के बाद उंन्होंने कभी पत्र परिषद नहीं ली और ना ही शहर के विकास पर कोई बयान दिया गया है. इसलिए आने वाले चुनाव में इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर वोट डाले जाएंगे. ऐसा अंदाज अकोट के नागरिक व्यक्त कर रहे हैं.

कौन समझेगा नागरिकों की परेशानी?

वर्तमान में नगर निगम शहर में नागरिकों को सुविधा उपलब्ध कराने में विफल हो रहा है. सड़क पर गंदा पानी सहित कई समस्याएं हैं. कही सड़के खराब है. कही कचरे की समस्याए है. यह स्पष्ट नहीं है कि वे शहरवासियों की समस्याओं को हल करने के बजाय समस्या पैदा तो नहीं कर रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि अकोट के लोगों की बुनियादी समस्याओं का समाधान कौन करेगा.

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