Akola Development Model एक साल से लटका, शहर के काम अटके

Akola शहर के डेवलमेंट प्लान को आखिरी मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा गया था। लेकिन ये एक्शन को भी पूरा एक साल बित गया है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस डीपी प्लान को मंजूरी नहीं मिली है।
अकोला महानगरपालिका
अकोला महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
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Akola News In Hindi: शहर के विकास प्रारुप (डीपी) को अंतिम मंजूरी के लिए सरकार को भेजे हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक सरकार की स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। इस कारण शहर में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य निधि उपलब्ध होने के बावजूद रुके हुए हैं।

वर्षों से डीपी योजना न बनने के कारण शहर में पार्किंग, चौड़े रास्ते, बगीचे, अस्पताल, दमकल विभाग के केंद्र, सब्जी बाजार, ग्रीन जोन जैसी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। इसे दूर करने के लिए डीपी यूनिट ने विकास प्रारुप तैयार कर विभिन्न स्थानों पर विकास आरक्षण प्रस्तावित किए हैं, जिनमें सरकार की योजनाओं का समावेश है और मनपा को इसके लिए निधि भी प्राप्त हुई है।

प्रारूप विकास योजना 19 जनवरी 2024 को प्रकाशित की गई थी, जिस पर नागरिकों से हरकतें और सुझाव मांगे गए। सुनवाई के बाद नियोजन समिति ने 30 जुलाई 2024 को रिपोर्ट नियोजन प्राधिकरण को सौंपी। प्राधिकरण ने इसे मान्य कर प्रशासकीय ठराव पारित कर सरकार को भेजा, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिली है। इससे शहर की मूलभूत सुविधाएं और सीमावृद्धि क्षेत्र के विकास कार्य अटके हुए हैं।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया भी ठप

नगर विकास विभाग को प्रस्तुत प्रारुप को विभागीय छंटनी समिति ने हरी झंडी दी है, फिर भी सरकार की मंजूरी नहीं मिली। इससे विकास आरक्षण वाली जगहें अटकी पड़ी हैं। मनपा को निधि प्राप्त होने के बावजूद इन स्थानों पर कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। निजी जमीनों पर आरक्षण किए गए नागरिकों को रेडीरेकनर दर से मुआवजा मिलना है, लेकिन सरकारी की मंजूरी के बिना यह संभव नहीं है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी रुक गई है, जिससे संबंधित नागरिकों की जमीनें बिना उपयोग के अटकी हुई हैं।

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