बूंद-बूंद को तरसा अकोला: काटेपूर्णा बांध में बचा सिर्फ 24% पानी, पांचवें दिन आ रहा नलों से पानी

Katepurna Dam Water Level: भीषण गर्मी के चलते अकोला को जलापूर्ति करने वाले काटेपूर्णा बांध का जलस्तर घटकर 24.85 प्रतिशत रह गया है, जिसके कारण मनपा शहर में हर पांचवें दिन पानी की आपूर्ति कर पा रही है।
Only 24% Water Left In The Katepurna Dam
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
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Only 24% Water Left In The Katepurna Dam: अकोला भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के कारण शहर में जल संकट की स्थिति धीरे-धीरे गंभीर हो सकती है। अकोला शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाले महान गांव स्थित काटेपूर्णा बांध में जल भंडारण लगातार घट रहा है। वर्तमान में बांध में केवल 24.85 प्रतिशत जल भंडारण शेष बचा है, देखा जाए तो पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष जल भंडारण ठीक है। पिछले वर्ष इन्हीं दिनों में काटेपूर्णा बांध में 16.66 प्रश जल भंडारण था। उस अनुसार स्थिति ठीक है।

जल उपलब्धता कम होने के कारण अकोला मनपा को जल वितरण में कटौती करनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि शहर में पांचवें दिन नलों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इससे हजारों नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक कठिनाई उन परिवारों को हो रही है जो पूरी तरह मनपा की जलापूर्ति पर निर्भर हैं। ऐसे लोगों को पांच दिनों के लिए पेयजल और घरेलू उपयोग का पानी एक साथ संग्रहित करना पड़ता है।

भूजल स्थल में गिरावट

इस बीच अकोला शहर के कई क्षेत्रों से भूजल स्तर में गिरावट की भी शिकायतें सामने आ रही - हैं। नागरिकों के अनुसार उनके निजी बोरवेल और इलेवट्रिक पंपों में भी पानी का स्तर कम हो गया है। परिणामस्वरूप कई इलाकों में वैकल्पिक स्रोतों से भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।

संभालकर करें पानी का उपयोग

जलापूर्ति विभाग के अभियंता अमोल डोईफोड़े ने कहा है की "अकोला मनपा के जलापूर्ति विभाग के अभियंता अमोल डोईफोडे ने कहा कि, बाप्पीकरण के कारण काटेपूर्णा बांध का पानी दिन प्रतिदिन कम होता जा रहा है। इस समय शहर में पांचवे दिन नलों द्वारा जलापूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि, जिन क्षेत्रों में पानी की बहुत कमी रहती है उन क्षेत्रों में टैंकर द्वारा जलापूर्ति की जा रही है।

कूलर के लिए पानी जुटाना मुश्किल

  • भीषण गर्मी के चलते लोगों को पीने और घरेलू उपयोग के पानी की व्यवस्था तो किसी तरह करनी पड़ रही है, लेकिन कूलर और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए पानी जुटाना मुश्किल हो गया है।
  • इससे गर्मी के मौसम में नागरिकों की परेशानी और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर और पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो आने वाले दिनों में जल संकट और गंभीर रूप धारण कर सकता है।
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