

Demand for Stoppage of 4 Major Trains at Akola Station: राष्ट्रवादी कांग्रेस पक्ष (शरदचंद्र पवार) की ओर से अकोला रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त महत्वपूर्ण और लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पार्टी के प्रदेश संगठन सचिव जावेद जकारिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अकोला के सांसद अनूप धोत्रे से मुलाकात कर उन्हें इस संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर पार्टी के महानगर अध्यक्ष रफीक सिद्दीकी, जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता इरशाद हुसैन, इमरान सिद्दीकी तथा सुफियान डोकाडिया विशेष रूप से उपस्थित थे।
सांसद को सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुखता से उल्लेख किया गया है कि अकोला संपूर्ण विदर्भ क्षेत्र का एक बेहद महत्त्वपूर्ण व्यापारिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक केंद्र है। यहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री, व्यवसायी और छात्र देश के विभिन्न हिस्सों के लिए यात्रा करते हैं। इसके बावजूद कई महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेनों का अकोला स्टेशन पर ठहराव नहीं दिया गया है, जिससे स्थानीय व क्षेत्रीय यात्रियों को भारी मानसिक और आर्थिक असुविधा का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से जिन ट्रेनों के ठहराव की मांग की जा रही है, वे नागपुर रेलवे स्टेशन के बाद सीधे भुसावल तक तथा वापसी के सफर में भुसावल के बाद सीधे नागपुर तक बिना रुके संचालित होती हैं। इस लंबे रेल मार्ग के बीच अकोला जैसा 'ए-ग्रेड' और महत्त्वपूर्ण जंक्शन होने के बावजूद इन ट्रेनों का स्टॉपेज न होने से विदर्भ के मध्य हिस्से के यात्रियों को इन प्रीमियम सेवाओं का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से जिन विशिष्ट एक्सप्रेस और दुरंतो ट्रेनों को अकोला रेलवे स्टेशन पर रोकने की मांग की गई है, उनकी सूची और नंबर इस प्रकार हैं:
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में इस बात का भी सहर्ष उल्लेख किया कि सांसद अनूप धोत्रे ने अपने पिछले कार्यकाल और पूर्व में भी कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को अकोला रेलवे स्टेशन पर ठहराव दिलाने के लिए केंद्रीय रेल मंत्रालय के स्तर पर सफल प्रयास किए हैं। उनके इन नीतिगत प्रयासों से जिले के रेल यात्रियों को वर्तमान में काफी बड़ी सुविधा मिली है, जिसके लिए अकोला की आम जनता और व्यापारिक जगत की ओर से सांसद का आभार भी व्यक्त किया गया।
राकांपा नेताओं का यह ज्ञापन स्वीकार करते हुए सांसद अनूप धोत्रे ने बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस विषय की गंभीरता को समझते हैं और विदर्भ के यात्रियों के हित में इन चारों महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव के प्रस्ताव को जल्द ही रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड के समक्ष मजबूती से रखेंगे।