जितना कचरा साफ, उतना मिलेगा भुगतान: अकोला में घर-घर कचरा संग्रहण की नई व्यवस्था से मिलेगी राहत
Akola Grabage News: अकोला महानगरपालिका ने शहर में टन के हिसाब से कचरा संग्रहण की नई निविदा प्रक्रिया शुरू की है। इससे सफाई व्यवस्था अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और प्रभावी होने की उम्मीद है।
- Written By: केतकी मोडक
गार्बेज कलेक्शन ट्रक (सोर्स- फोटो नवभारत)
Akola Garbage Collection Tender: अकोला महानगरपालिका (मनपा) ने शहर की सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी, चुस्त-दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ‘टन’ के आधार पर कचरा संग्रहण (गार्बेज कलेक्शन) की नई निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत शहर के प्रत्येक घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्रित करने, सार्वजनिक स्थानों से कचरा उठाने तथा उसे सुरक्षित रूप से डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी एक निजी ठेकेदार (एजेंसी) को सौंपी जाएगी। प्रशासन का दावा है कि इस प्रणाली से शहर की स्वच्छता व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत और व्यवस्थित होगी।
महानगरपालिका द्वारा तैयार की गई नई नियमावली के अनुसार, ठेकेदार का मासिक भुगतान कर्मचारियों की संख्या या वाहनों के फेरों (ट्रिप्स) के आधार पर नहीं, बल्कि डंपिंग ग्राउंड पर कंप्यूटरीकृत कांटे से तौले गए कचरे के कुल वजन (टन) के आधार पर किया जाएगा।
जितना कचरा, उतना भुगतान
इस प्रणाली का मुख्य सिद्धांत है ‘जितना अधिक कचरा संग्रहित होगा, उसी अनुपात में ठेकेदार को भुगतान मिलेगा।’ अकोला शहर का कचरा बंद कॉम्पैक्टर वाहनों के माध्यम से डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाया जाएगा, जहां प्रत्येक वाहन का वजन अत्याधुनिक कंप्यूटरीकृत वेटब्रिज (वजन कांटा) पर किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा निजी एजेंसी के माध्यम से संचालित होगा, जिससे भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।
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ठेकेदार की प्रमुख जिम्मेदारियां:
- प्रत्येक घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्रित करना।
- शहर की मुख्य सड़कों, गलियों, सार्वजनिक स्थलों और खुले क्षेत्रों में पड़े कचरे को उठाना।
- एकत्रित किए गए कचरे का डंपिंग ग्राउंड तक सुरक्षित और ढके हुए वाहनों में परिवहन करना।
- एजेंसी का भुगतान केवल कंप्यूटरीकृत वजन कांटे पर दर्ज कचरे के कुल वजन (टन में) के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष
अकोला महानगरपालिका आयुक्त डॉ. सुनील लहाने ने कहा है कि “पूरी निविदा प्रक्रिया को अत्यंत पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा रहा है। निर्धारित नियमों और कड़े नियमों-शर्तों का शत-प्रतिशत पालन करते हुए सबसे कम दर (एल-1) देने वाली पात्र कंपनी को ही यह ठेका दिया जाएगा। इस व्यवस्था से शहर में जगह-जगह बनने वाले अनधिकृत कचरा डिपो पूरी तरह समाप्त होंगे और अकोला की सफाई व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी।”
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अकोला शहर को बनाएंगे पूरी तरह कचरा मुक्त
महानगरपालिका अकोला स्थायी समिति सभापति विजय अग्रवाल “यह महत्वाकांक्षी योजना नागपुर और अमरावती महानगरपालिका की सफल कचरा प्रबंधन व्यवस्था के मॉडल के आधार पर अकोला में भी लागू की जा रही है। टन आधारित कचरा संग्रहण प्रणाली से शहर को स्वच्छ, सुंदर और कचरा मुक्त बनाने में बड़ी मदद मिलेगी। फिलहाल निविदा प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही जमीनी स्तर पर कार्य शुरू होने की पूरी संभावना है।”
