अकोला: देश की संत परंपरा महान, श्रीगुरु श्रीराम महाराज जन्मशताब्दी कीर्तन महोत्सव का भक्तिमय समापन
Akola News: संतों की परंपरा समाज को सुसंस्कृत बनाकर राष्ट्र को आधार प्रदान करती है। श्रीराम महाराज की जन्मशताब्दी पर आयोजित कीर्तन महोत्सव में संतों का योगदान और संदेश पर चर्चा की गई।
Akola Sant Parampara Shriram Maharaj Mehunkar: वारकरी संप्रदाय को विकसित कर धर्म का अधिष्ठान गतिमान करने के लिए अवतरित हुए संतों की परंपरा देश में अत्यंत महान है। इसी परंपरा के अंतर्गत श्रीगुरु श्रीराम महाराज मेहुणकर की जन्मशताब्दी के अवसर पर निंबा फाटा परिसर के अंत्री मलकापुर में सात दिवसीय राज्यस्तरीय कीर्तन महोत्सव का आयोजन किया गया। तुकाराम महाराज सखारामपुरकर ने कहा कि संतों की परंपरा समाज को सुसंस्कृत बनाकर राष्ट्र को आधार प्रदान करती है।
उन्होंने बताया कि इस पवित्र भूमि पर श्रीराम महाराज का शताब्दी कीर्तन समारोह होना, स्वयंभू महादेव मंदिर और नदी के कारण तीर्थक्षेत्र बने इस स्थान को और भी पावन करता है। संतों का योगदानसात दिवसीय महोत्सव में राज्यभर से संत, महात्मा और कीर्तनकार उपस्थित हुए।
जोग महाराज वारकरी शिक्षण संस्था, आदिशक्ति मुक्ताबाई संस्था सहित अनेक संस्थाओं के पदाधिकारी और मान्यवरों ने हिस्सा लिया। तुकाराम महाराज ने काल्या का कीर्तन प्रस्तुत करते हुए तुकोबा के अभंगों की संगत की और संतों के भगवंत स्मरण की विशेषता बताई।
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उन्होंने श्रीराम महाराज का दृष्टांत देते हुए कहा कि संतों के आदेश के बिना मृत्यु भी उन्हें स्पर्श नहीं कर सकती। संतों की परंपरा का संदेशउन्होंने बताया कि गजानन महाराज संस्थान की गाड़ी से महाराज इलोरा पहुंचे थे, जहां यमदूतों ने उन्हें साथ चलने का आदेश दिया।
लेकिन महाराज ने धर्मकार्य पूर्ण होने तक कुंठ जाने से इनकार कर पुनः पृथ्वी पर अवतरित होकर संत परंपरा को समृद्ध करने की इच्छा व्यक्त की थी। यही संतों की जगत कल्याणकारी परंपरा है, जिसे जतन और संवर्धन करना समय की आवश्यकता है।
पाइंटरअंतिम कीर्तन और महाप्रसादमहोत्सव के अंतिम दिन गोपाल महाराज उरलकर ने कीर्तन प्रस्तुत कर संतों के महिमा और समाजहितकारी महत्व की सुंदर मीमांसा की। समापन काल्या के कीर्तन के बाद पंचक्रोशी क्षेत्र के हजारों भक्तों ने महाप्रसाद का लाभ लिया।
इस सात दिवसीय महोत्सव की सफलता के लिए आयोजन समिति, पंचक्रोशी की महिलाएँ, पुरुष और स्वयंसेवकों ने अथक परिश्रम किया। कैप्शन अकोला। महाराज व भक्त।
