डिजिटल इंडिया का कड़वा सच: अकोला की 950 स्कूलों में बिजली गुल, धूल फांक रहे हैं करोड़ों के उपकरण

Akola Zilla Parishad Schools: अकोला जिले की ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था वेंटिलेटर पर। 545 स्कूलें जर्जर, विषय शिक्षकों का अभाव और बिजली कटने से डिजिटल शिक्षा ठप। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Rural schools in Akola face closure due to low student count and dilapidated buildings.
अकोला जिला परिषद स्कूल (फाइल फोटो)
Updated on

Rural Education Crisis Maharashtra: अकोला जिले में शिक्षा से कोई भी वंचित न रहे इसके लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की स्कूलों की स्थिति बेहद दयनीय है। अकोला जिले में जिला परिषद की 950 स्कूलें हैं, जिनमें से आधी से अधिक की इमारतें जर्जर हो चुकी हैं। कम छात्र संख्या, बुनियादी सुविधाओं की कमी और नई शैक्षणिक नीति के कारण कई स्कूलें बंद होने की कगार पर हैं।

इससे ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के हजारों छात्रों के शिक्षा से वंचित होने का खतरा है। जिले की 545 से अधिक स्कूलों की कक्षाएं जर्जर हैं और कई जगह पेड़ों के नीचे पढ़ाई हो रही है। शिक्षा अधिकार कानून के अनुसार कक्षा 6 से 8 तक विषय शिक्षक नियुक्त करना अनिवार्य है, लेकिन 2018 से अब तक नियुक्तियां नहीं हुईं है। गणित और विज्ञान जैसे विषयों में पद रिक्त हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

डिजिटल शिक्षा का सपना टूटा

ग्रामीण छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए डिजिटल शिक्षा शुरू की गई थी, लेकिन बिजली आपूर्ति बंद होने से यह योजना अधर में लटक गई है। पहले बिजली बिल जिला परिषद भरती थी, बाद में यह जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी गई, परंतु किसी ने इसे नहीं निभाया। नतीजतन स्कूलों में बिजली आपूर्ति बंद हो गई।

बुनियादी सुविधाओं का अभाव

  • ग्रामीण स्कूलों में शुद्ध पेयजल, शौचालय और कक्षाओं जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कम छात्र संख्या वाली स्कूलों को बंद करने पर सरकार बार-बार समीक्षा कर रही है।
  • शिक्षा अधिकार कानून के अनुसार निर्धारित दूरी पर दूसरी स्कूल उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ग्राम पंचायत और शालेय समिति की राय लेकर स्कूल बंद करने के बजाय छात्र संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए।
  • यह स्थिति ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है और शैक्षणिक समानता के लिए खतरे की घंटी साबित हो रही है।
Navbharat Live
navbharatlive.com