अकोला RSS कार्यालय प्रकरण में मदन भरगड, साजिद खान पठान समेत सभी आरोपी बरी
Akola Court Verdict: अकोला में वर्ष 2010 के RSS कार्यालय आंदोलन और कथित हमले से जुड़े मामले में स्थानीय न्यायालय ने सभी आरोपियों को निर्दोष बरी कर दिया है। यह 15 वर्ष पुराना मामला है।
Sajid Khan Pathan (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
RSS Office Attack Case: 12 नवंबर 2010 को कांग्रेस द्वारा एक आंदोलन किया गया था। जिसमें अकोला के आरएसएस कार्यालय के सामने यह आंदोलन हुआ था। इस मामले के सभी दोषियों को विद्यमान न्यायाधीश ने इन सभी आरोपियों को इस प्रकरण से निर्दोष मुक्त किया है। आरएसएस के कार्यकर्ता शशांक जोशी ने सिटी कोतवाली पुलिस थाने में शिकायत की थी कि हमारे कार्यालय में आरोपी कांग्रेसी नेता, पूर्व महापौर मदन भरगड, विधायक साजिद खान पठान, अल्लू पहलवान, जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश तायडे, राजेश भारती तथा अन्य 50 से 60 लोग जिसमें महिलाएं भी शामिल थी।
अपने हाथों में तत्कालीन आरएसएस प्रमुख सुदर्शन के प्रतिकात्मक पुतले लेकर और कांग्रेस पार्टी के झंडे भी हाथ में लिए हुए थे। इसी तरह विस्फोटक पटाखे के साथ हमारे गांधी रोड पर स्थित संघ के कार्यालय पर आए इनके हाथ में जलता हुआ पुतला भी था। कार्यकर्ताओं पर किया हमलाइन लोगों ने यहां नारे बाजी की तथा मुझ पर व अन्य कार्यकर्ताओं पर हमला किया और मारपीट की।
15 साल बाद आया फैसला
जिसमें हमारे दो संघ कार्यकर्ता और एक पुलिस कर्मी घायल हो गया था। सिटी कोतवाली पुलिस थाने में इन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। तत्कालीन पुलिस निरीक्षक विलास पाटिल ने जांच करके यह प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया था। स्थानीय प्रथम श्रेणी न्यायादंडाधिकारी ए. जे. गिर्हे के न्यायालय में सरकार पक्ष की ओर से कुल दस गवाहों की जांच की गई।
सम्बंधित ख़बरें
‘24000 करोड़ का फटका’, 80 लाख लाडकी बहिन अपात्र थी तो 20 महीना क्यों दिया लाभ, जयंत पाटिल ने पूछा सवाल
अचलपुर में 200 बेड के जिला अस्पताल को मिली रफ्तार, सरकार ने जारी किए 7 करोड़ रुपये
नासिक: 2 नाबालिग लड़कियां हुई लापता, आडगाव पुलिस ने शुरू की जांच
धुले के शिरपुर मर्चेंट बैंक में 13.75 करोड़ का घोटाला, फरार पूर्व मैनेजर गिरफ्तार; 46 कर्मियों पर गिरेगी गाज
ये भी पढ़े: छत्रपति संभाजीनगर में JSW बनाएगी हर घंटे 60 इलेक्ट्रिक कारें, दिवाली से प्रोडक्शन और नवंबर से बुकिंग शुरू
प्रकरण में सबूतों के आधार पर सभी आरोपी मुक्त
आरएसएस का कोई भी गवाहदार अपने बयान से मुकरा नहीं। इस प्रकरण में आरोपियों की ओर से एड. दिलदार खान ने अपने अनुसार गवाहों की जांच की। जिसमें भरपूर विसंगति दिखाई दी। इस प्रकार से उन्होंने अपनी पैरवी की। इस संपूर्ण प्रकरण में एड. दिलदार खान के साथ साथ आरोपियों की ओर से एड. राजेश जाधव, एड. दुष्यंत चव्हाण, एड. अमीन खान, एड। मधु शर्मा, एड. दीपेश धायडे ने पैरवी की।
