Akola News In Hindi: अकोला शहर में आम संपत्ति धारकों को राहत देने और महानगरपालिका की बकाया कर वसूली बढ़ाने के उद्देश्य से बकाया संपत्ति कर पर लगने वाली शास्ती (दंड) माफ करने वाली ‘शास्ती अभय योजना’ तुरंत लागू करने की मांग उठी है। वंचित बहुजन आघाड़ी के गटनेता व पार्षद नीलेश देव ने इस संबंध में महापौर शारदा खेडकर को विस्तृत निवेदन सौंपा है।
निवेदन में कहा गया है कि अकोला में निजी कंपनी के माध्यम से कर वसूली की व्यवस्था लागू है, जो अन्य महानगरपालिकाओं में नहीं है। इससे कर निर्धारण में त्रुटियां और नागरिकों में नाराज़गी बढ़ी है।
पिछले वर्ष दशहरा–दिवाली के दौरान लागू की गई शास्ती अभय योजनाओं का लाभ आर्थिक तंगी के कारण कई नागरिक नहीं ले पाए।
2017 के बाद बड़ी संख्या में संपत्तियों का मूल्यांकन और हस्तांतरण लंबित है। नोटिस देर से मिलने के बावजूद शास्ती लगाना अन्यायपूर्ण बताया गया।
2023 से लागू अतिरिक्त 1% ट्रांसफर फीस को रद्द कर 1000 रुपये निश्चित शुल्क तय करने की मांग की गई है।
नीलेश देव के अनुसार, शास्ती अभय योजना से नागरिकों को राहत और मनपा को त्वरित राजस्व मिलेगा।